भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव का U-19 विश्व कप पर असर: टॉस पर ‘नो हैंडशेक’ ड्रामा

बुलावायो (जिम्बाब्वे): ICC अंडर-19 विश्व कप 2026 में भारत और बांग्लादेश के बीच ग्रुप ए मैच के दौरान राजनीतिक तनाव साफ नजर आया, जब दोनों टीमों के कप्तानों ने टॉस के समय पारंपरिक हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस मैच में बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी …

Jan 18, 2026 - 00:27
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भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव का U-19 विश्व कप पर असर: टॉस पर ‘नो हैंडशेक’ ड्रामा
बुलावायो (जिम्बाब्वे): ICC अंडर-19 विश्व कप 2026 में भारत और बांग्लादेश के बीच ग्रुप ए मैच के दौरान राजनी

भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव का U-19 विश्व कप पर असर: टॉस पर ‘नो हैंडशेक’ ड्रामा

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कम शब्दों में कहें तो, भारत और बांग्लादेश के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव का साफ असर ICC अंडर-19 विश्व कप 2026 के दौरान देखने को मिला, जब दोनों टीमों के कप्तानों ने टॉस के समय पारंपरिक हाथ मिलाने से इनकार किया।

बुलावायो (जिम्बाब्वे): ICC अंडर-19 विश्व कप 2026 में ग्रुप ए मैच के दौरान भारत और बांग्लादेश के बीच राजनीतिक तनाव की झलक साफतौर पर नजर आई। क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस मैच में बांग्लादेश ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया। लेकिन भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे और बांग्लादेश के उपकप्तान जवाद अबरार (मुख्य कप्तान मोहम्मद अजीजुल हकीम बीमारी के कारण अनुपस्थित थे) ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया और उनकी नजरें भी नहीं मिलीं।

खेल के मैदान पर तनाव का प्रतीक

यह घटना केवल एक टॉस का नाटक नहीं थी, बल्कि यह दोनों देशों के बीच बढ़ते विवाद का प्रतीक बन गई। टॉस के समय दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय गान के दौरान भी दूरी बनाए रखी, जो कि खेल की भावना के विपरीत प्रतीत हुआ। इस प्रकार का ‘नो हैंडशेक’ व्यवहार हाल के दिनों में सीनियर स्तर पर भी देखा गया, जैसे कि एशिया कप में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी पाकिस्तान के कप्तान से हाथ मिलाने से परहेज किया।

विवाद की जड़ें

इस संकट की जड़ें दिसंबर 2025 में बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हमलों से जुड़ी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच कम से कम 15 हिंदू व्यक्तियों की हत्या हुई, जिनमें लिंचिंग और संपत्ति की लूट जैसी घटनाएं शामिल हैं। इस प्रकार की घटनाओं ने भारत में विरोध को जन्म दिया, जिसके चलते आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान की खरीद पर विवाद खड़ा हुआ।

सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर उठे राजनीतिक दबाव के बाद भारत की क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने KKR को मुस्तफिजुर को रिलीज करने का निर्देश दिया। इसके जवाब में, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने आईपीएल के प्रसारण पर रोक लगाने का निर्णय लिया और आईसीसी से अनुरोध किया कि टी20 विश्व कप 2026 के अपने मैच भारत में न खेलकर श्रीलंका में आयोजित करे, सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए।

आईसीसी की प्रतिक्रिया

हालांकि, आईसीसी ने BCB की मांग को खारिज कर दिया और कहा कि कोई विशिष्ट खतरा नहीं है, लेकिन बातचीत चलती रही। BCB ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी टीम को भारत में खेलने के लिए नहीं भेजना चाहेंगे, जबकि आईसीसी ने BCB से अपनी स्थिति पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।

उपसंहार

इस प्रकार का तनाव भले ही खेल को प्रभावित कर रहा हो, लेकिन यह भारतीय और बांग्लादेशी क्रिकेट के बीच लंबे समय से चल रहे राजनीतिक नफरत और विवादों की परछाई को उजागर करता है। खेल के मैदान पर भी राजनीति के इस खेल का असर देखने को मिल रहा है, जो खिलाड़ियों की एकजुटता और खेल के मूल भाव का उल्लंघन करता है।

इस घटना से स्पष्ट है कि जब भी राजनीति और खेल एक-दूसरे से टकराते हैं, तो परिणाम कभी भी सुखद नहीं होते। निश्चित ही, दोनों देशों के बीच के इस तनाव का क्रिकेट पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

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सादर, टीम इंडिया ट्वोडे - प्रियंका

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