मुख्यमंत्री धामी के 'जन-जन की सरकार' शिविर में 500 लोगों ने लाभ उठाया
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत मंगलवार को नैनीताल जिले के कोटाबाग विकासखंड की न्याय पंचायत बैलपड़ाव स्थित…
मुख्यमंत्री धामी के 'जन-जन की सरकार' शिविर में 500 लोगों ने लाभ उठाया
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' कार्यक्रम के तहत आयोजित एक शिविर में 500 लोगों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला।
शिविर का आयोजन
मंगलवार को नैनीताल जिले के कोटाबाग विकासखंड की न्याय पंचायत बैलपड़ाव में स्थित सिंचाई डाक बंगला परिसर में एक बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को सुनना और उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करना था। मुख्यमंत्री धामी की पहल से इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
शिविर में क्या हुआ?
शिविर के दौरान, नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। जिससे वे अपने अधिकारों और सुविधाओं के बारे में अवगत हो सकें। क्षेत्रीय जनता ने अपनी समस्याएं साझा कीं और संबंधित अधिकारियों ने उनकी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस बहुउद्देशीय शिविर में 500 से अधिक नागरिकों ने भाग लिया और उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिया गया।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “हमारा प्रयास है कि सरकारी योजनाएं सही दिशा में और सही लाभार्थियों तक पहुंचें। जनता की समस्याओं को सुनना एवं उनकी समस्याओं का समाधान प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि भविष्य में और भी ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
सरकारी योजनाओं का महत्व
उत्तराखंड सरकार का उद्देश्य है कि लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठाए और उनकी समस्याओं का निवारण किया जा सके। ऐसे क्षेत्रों में, जहाँ लोगों को जानकारी की कमी होती है, ऐसे शिविर कारगर साबित होते हैं। इस प्रकार के शिविरों के माध्यम से सरकार आम जनता के करीब पहुँचने का प्रयास कर रही है।
निष्कर्ष
अन्त में, मुख्यमंत्री धामी की पहल “जन-जन की सरकार” एक सुनहरा कदम है जो सरकार और जनता के बीच की खाई को पाटने का प्रयास करती है। ऐसे शिविरों का आयोजन निश्चित रूप से राज्य में बदलाव लाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
इस शिविर के आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि सरकारी योजनाएं यदि सही दृष्टिकोण से और प्रभावी तरीके से लागू की जाएं, तो उनका लाभ जब भी जरूरतमंद व्यक्तियों तक पहुंचता है।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, दीप्ति शर्मा
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