मुख्यमंत्री ने खटीमा में 7.23 करोड़ की लागत से नई गौशाला का किया उद्घाटन
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्दीघेरा, खटीमा में ₹7.23 करोड़ की लागत से नवनिर्मित गौशाला का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ₹108.84 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया। इनमें प्रमुख रूप से ₹34.44 करोड़ की लागत से राज्य मार्ग-70 के सत्रहमील से नानकसागर प्रभाग तक 13.60 किमी मार्ग के […]
मुख्यमंत्री ने खटीमा में 7.23 करोड़ की लागत से नई गौशाला का किया उद्घाटन
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7.23 करोड़ की लागत से खटीमा में एक नवनिर्मित गौशाला का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास भी किया, जिनकी कुल लागत 108.84 करोड़ रुपये है।
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हल्दीघेरा में ₹7.23 करोड़ की लागत से नवनिर्मित गौशाला का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने ₹108.84 करोड़ की लागत से 15 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें से एक प्रमुख योजना में ₹34.44 करोड़ की लागत से राज्य मार्ग-70 के सत्रहमील से नानकसागर प्रभाग तक 13.60 किमी मार्ग के उच्चीकरण का कार्य शामिल है।
मुख्यमंत्री ने गौशाला के लिए भविष्य में आवश्यकता के अनुसार विस्तार की घोषणा की। उनका मानना है कि इससे अधिक से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित और सम्मानजनक आश्रय मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह गौशाला निराश्रित गोवंश के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिलने से उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित होगी और किसानों तथा स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी। इससे सड़क पर होने वाले गोवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने युवाओं और समाज के समाज कल्याण के उद्देश्य से सभी कार्यों में तेजी लाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि हमारे भारतीय संस्कृति में गौ माता का एक विशेष स्थान है। गौ माता का संरक्षण हमारी परंपरा के साथ-साथ कर्तव्य और जिम्मेदारी भी है। उत्तराखंड ने पहले से ही गौ संरक्षण और सेवा की परंपरा को बनाए रखा है।
राज्य सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभिन्न शक्तियों का काम कर रही है, जिसमें वर्तमान में गौ सदनों के माध्यम से 16 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आश्रय दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्राम्य गौ सेवक योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है और इसके साथ ही, शहरी विकास और पंचायती राज विभाग के सहयोग से प्रदेश में 63 स्थानों पर गौशाला निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ ही पशुधन के संवर्धन की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि खटीमा के साथ-साथ पूरे ऊधमसिंह नगर जनपद में सड़क, पुल, शिक्षा, बाढ़ सुरक्षा और अन्य अवस्थापना सुविधाओं को मजबूती प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसलिए विकास योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
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Team India Twoday
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