लवप्रीत कौर की सोच ने जीता CM धामी का दिल, टैबलेट वितरण की अनोखी पहल

देहरादून : किसी विद्यार्थी के सपने को पंख देने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती, कई बार एक संवेदनशील सोच और किसी की जरूरत को समझने की भावना भी बड़ा बदलाव ला सकती है। ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के दौरान हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत कौर ने जब अपनी जरूरत से पहले […] The post लवप्रीत की सोच ने जीता CM धामी का दिल, घर पहुंचकर अधिकारियों ने सौंपा टैबलेट first appeared on Vision 2020 News.

Sep 24, 2026 - 09:27
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लवप्रीत कौर की सोच ने जीता CM धामी का दिल, टैबलेट वितरण की अनोखी पहल
देहरादून : किसी विद्यार्थी के सपने को पंख देने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती, कई बा

लवप्रीत की सोच ने जीता CM धामी का दिल, घर पहुंचकर अधिकारियों ने सौंपा टैबलेट

देहरादून : किसी विद्यार्थी के सपने को पंख देने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती, कई बार एक संवेदनशील सोच और दूसरों की जरूरत को समझने की भावना भी बड़ा बदलाव ला सकती है। यह सच साबित किया है हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत कौर ने, जिन्होंने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के दौरान अपनी आवाज उठाई।

कम शब्दों में कहें तो, लवप्रीत की विचारधारा ने न केवल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का दिल जीता, बल्कि प्रदेश में डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल की शुरुआत भी की। लवप्रीत ने अपने स्थान पर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए आवश्यक डिजिटल संसाधनों की बात की, ताकि ऑनलाइन पढ़ाई में किसी भी तरह की रुकावट न आए।

लवप्रीत की संवेदनशीलता से प्रभावित मुख्यमंत्री

लवप्रीत ने मुख्यमंत्री के समक्ष यह आवश्यकताएं रखीं कि ऑनलाइन पढ़ाई के लिए छात्रों को आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध होना चाहिए। उनकी यह सोच मुख्यमंत्री धामी को इतनी छू गई कि उन्होंने फौरन इस दिशा में कार्रवाई करने का फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ के दौरान सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने की योजना की घोषणा की।

नवीनतम पहल और टैबलेट वितरण

इस योजना के अंतर्गत योग्य विद्यार्थियों को DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से टैबलेट की सुविधा दी जाएगी। सरकार की मंशा है कि किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा और प्रतिभा के विकास में कमी न आने पाए। लवप्रीत के मामले में, मुख्यमंत्री ने उनकी आवश्यकता का व्यक्तिगत रूप से ध्यान रखा और जिलाधिकारी के माध्यम से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उनके घर भेजकर टैबलेट का वितरण किया।

जब शिक्षा विभाग के अधिकारी लवप्रीत के घर पहुंचे और टैबलेट प्रदान किया, तो उनके चेहरे पर जो खुशी दिखाई दी, वह उनके सपनों की एक नई शुरुआत थी। बेशक, वह इस बात की उम्मीद नहीं कर रही थीं कि उनके द्वारा रखी गई बात इतनी त्वरित रूप से अमल में आएगी। टैब प्राप्त करने पर उन्होंने मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त करते हुए दिल से ‘थैंक्यू’ कहा।

शिक्षा में बदलाव का मध्यम बनता टैबलेट

लवप्रीत के लिए यह टैब केवल एक डिजिटल डिवाइस नहीं, बल्कि यह उनके लिए शिक्षा में एक नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा। ऑनलाइन अध्ययन और शैक्षिक सामग्री तक आसान पहुँच के साथ, यह टैबलेट उनकी पढ़ाई को और भी बेहतर बनाने में सहायक रहेगा। उनकी यह कहानी इस बात का भी उदाहरण है कि जब युवा खुद से परे सोचते हैं, तो उनके संवेदनशीलता से बदलाव लाना संभव है।

मुख्यमंत्री की दृष्टि एवं भविष्य की योजनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि उत्तराखंड का हर विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा और संसाधनों से जुड़ सके। सरकारी पहल से यह उम्मीद जताई गई है कि आर्थिक बाधाओं के कारण कोई भी विद्यार्थी अपने सपनों से वंचित न हो। डिजिटल शिक्षा की वर्तमान आवश्यकता को समझते हुए, सरकार लगातार प्रयासरत है कि विद्यार्थियों को नई तकनीक और संसाधनों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा कि लवप्रीत जैसी बेटियों की सोच ही उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। ऐसी संवेदनशीलता केवल युवाओं में ही नहीं, बल्कि पूरे समाज में एक नई दिशा देने का कार्य कर सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे ही युवा उत्तराखंड के विकसित और समर्थ होने के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

लवप्रीत की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह इस बात का उदाहरण भी है कि छोटे-छोटे बदलाव से हम बड़े बदलाव की ओर बढ़ सकते हैं।

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इस खबर को लिखा है, सुषमा रावत द्वारा, टीम इंडिया टुडे।

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