मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का महत्वपूर्ण निर्णय – वन्य जीव आधारित पर्यटन से बढ़ाई जाए स्थानीय अर्थव्यवस्था
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक लेते हुए, प्रदेश में मानव वन्य जीव संघर्ष रोकने के साथ ही वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में आयोजित उत्तराखंड …
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का महत्वपूर्ण निर्णय – वन्य जीव आधारित पर्यटन से बढ़ाई जाए स्थानीय अर्थव्यवस्था
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक लेकर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने के साथ-साथ वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में आयोजित इस बैठक में, उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम एक प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास परियोजनाओं में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के सहारे जनसहभागिता को बढ़ाने पर जोर दिया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय निवासियों को भी वन्यजीव संरक्षण में शामिल किया जा सके।
स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने इस पर भी गंभीरता से विचार करने के लिए कहा कि कैसे स्थानीय समुदायों को वन्य जीवों के संरक्षण में हिस्सेदारी दी जा सकती है, जिससे उनकी आजीविका को भी समर्थन मिले। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मानव-वन्य जीव संघर्ष के दौरान साहसिक कार्य करने वालों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाए। इस प्रकार से, न केवल संरक्षण को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को भी उत्साह और सुरक्षा महसूस होगी।
वन्यजीव संरक्षण में तकनीकी उपाय
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि कैसे तकनीकी उपायों जैसे कैमरा ट्रैप, ड्रोन और त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) का गठन किया जा सकता है, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को समय पर नियंत्रित किया जा सके। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने वन कर्मियों को आवश्यक संसाधनों से लैस करने की बात भी कही, ताकि वे बेहतर निगरानी और सुरक्षा कर सकें।
विकास परियोजनाओं पर चर्चा
बैठक में संरक्षित क्षेत्रों से जुड़े विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में गैस पाइपलाइन, सड़क निर्माण और अन्य आवश्यक जनहित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, बाघ संरक्षण पर भी चर्चा की गई, जहां स्थानीय समुदायों की सहभागिता और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया गया।
आगामी कार्रवाई और दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके अंतर्गत वन्यजीव कॉरिडोर का संरक्षण, वैज्ञानिक प्रबंधन और समुचित निगरानी प्रणाली को स्थापित करना शामिल होगा। उन्होंने हरिद्वार कुंभ के दौरान संभावित संघर्ष को रोकने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती का भी निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री की यह पहल निश्चित रूप से न केवल वन्य जीवों के संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों की आर्थिकी को भी सशक्त बनाएगी। वन्य जीवों की सुरक्षा, जैव विविधता एवं पर्यावरण के संरक्षण के प्रति यह कदम एक नई दिशा और उम्मीद का संकेत है।
कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वन्य जीव आधारित पर्यटन विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
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