मुख्य सचिव ने शारदा रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति पर कड़ा रूख अपनाया, तैनात होगा प्रोजेक्ट मैनेजर
देहरादून : मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में विभिन्न प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी परियोजनाओं को निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार पूर्ण करने तथा परियोजनाओं की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शारदा रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट […] The post शारदा रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार पर CS सख्त, मौके पर तैनात होगा प्रोजेक्ट मैनेजर first appeared on Vision 2020 News.
मुख्य सचिव ने शारदा रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति पर कड़ा रूख अपनाया, तैनात होगा प्रोजेक्ट मैनेजर
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज शारदा रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है और कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजर को तैनात करने का निर्देश दिया है।
देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में उत्तराखण्ड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (यूआईआईडीबी) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में विभिन्न प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार पूरा किया जाए और उन पर नियमित रूप से प्रभावी निगरानी की जाए।
शारदा रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी
मुख्य सचिव ने शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर प्रोजेक्ट की प्रगति पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी द्वारा पिछले दस महीनों में केवल 10 प्रतिशत प्रगति करना पूरी तरह असंतोषजनक है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए एक डेडिकेटेड प्रोजेक्ट मैनेजर तैनात करने के निर्देश दिए, ताकि काम की लगातार मॉनिटरिंग की जा सके और तत्काल समस्याओं का समाधान किया जा सके।
प्रोजेक्ट मैनेजर की तैनाती
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी यूआईआईडीबी प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन के साथ एक पर्ट चार्ट तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि बैठक में यह स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया जाना चाहिए कि प्रत्येक परियोजना की प्रगति क्या है। जिन परियोजनाओं में प्रगति धीमी है, उनके पीछे के कारणों की पहचान करने और सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश भी दिया गया है।
सती कुंड के कार्यों की प्रगति
मुख्य सचिव ने रिवर राफ्टिंग डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि परियोजना के संचालन और अनुरक्षण के लिए यूपीडीसीसी को अगले पांच वर्षों के लिए अपनी समर्पित टीम विकसित करने की आवश्यकता है। हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए अलग-अलग टीमों की व्यवस्था की जाने की बात भी सामने आई, ताकि इन परियोजनाओं में किसी प्रकार की समस्या न आए। कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
पार्किंग परियोजनाओं का समुचित इंटीग्रेशन
मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि हरिद्वार में हो रहे कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए कार्यदायी संस्था का महाप्रबंधक वहां तैनात रहकर प्रगति की रिपोर्ट जिलाधिकारी एवं मंडलायुक्त को देता रहे। ई विभागों की योजना के साथ इन पार्किंग परियोजनाओं का समुचित इंटीग्रेशन सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने स्पष्ट दिशा-निर्देश भी दिए हैं।
फिलहाल, इस दिशा में की गई सभी कार्रवाईयों का उद्देश्य प्रोजेक्ट की प्रगति को तेजी से बढ़ाना और गुणवत्ता को सुनिश्चित करना है। मुख्य सचिव के कड़े रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब कोई भी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। ऐसा माना जा रहा है कि यदि ये निर्देश सख्ती से लागू किए जाते हैं, तो प्रोजेक्ट की रफ्तार में सुधार होगा और कार्यक्रम की उचित समय पर पूर्णता की संभावनाएं बढ़ेंगी।
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सादर,
टीम इंडिया ट्वोडे, मेघा शर्मा
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