रामनगर में मुखबिर की सूचना पर आबकारी विभाग का छापा, भारी मात्रा में कच्ची शराब बरामद
Corbetthalchal ramnagar उत्तराखंड आबकारी विभाग रामनगर नैनीताल। मुखबिर खास की सूचना पर नाथुपुर छुई एवं कोसी किनारे के बाजपुर सीमा में ज्वाला वन के जंगलों में छापे मारी की गई…
रामनगर में आबकारी विभाग की छापेमारी: 80 पाउच कच्ची शराब का खुलासा
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कम शब्दों में कहें तो रामनगर में आबकारी विभाग के अधिकारियों ने मुखबिर की सूचना पर छापेमारी करते हुए बड़ी मात्रा में कच्ची शराब बरामद की है।
उत्तराखंड के रामनगर नैनीताल जिले में आबकारी विभाग ने एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन के तहत नाथुपुर छुई एवं कोसी किनारे के बाजपुर सीमा के ज्वाला वन में छापेमारी की। यह छापेमारी एक मुखबिर द्वारा दी गई खास सूचना के आधार पर की गई, जिसने विभाग को इस क्षेत्र में अवैध शराब के व्यापार की जानकारी दी थी।
छापेमारी का विवरण
ज्वाला वन के जंगलों में की गई इस छापेमारी में कार्यवाही के दौरान कोसी नदी किनारे एक विशेष चैकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान, श्रीमती काजल सैनी, जो नाथुपुर कंचनपुर छोई की निवासी हैं, के कब्जे से लगभग 80 पाउच कच्ची शराब बरामद की गई। आबकारी विभाग ने इस मामले में विधिसम्मत धारा 60 के तहत अभियोग भी दर्ज किया है।
कच्ची शराब का कारोबार
कच्ची शराब का कारोबार उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में एक गंभीर समस्या बन चुका है। यह न केवल स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि समाज में अपराध और अव्यवस्था भी बढ़ा रहा है। आबकारी विभाग द्वारा इस तरह की कार्रवाइयाँ इस अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी हैं।
आबकारी विभाग के सूत्रों के अनुसार, उनका मुख्य उद्देश्य कच्ची शराब के कारोबार को जड़ से खत्म करना है। इसके लिए वे नियमित रूप से क्षेत्रीय छापेमारी अभियान चला रहे हैं। विभाग की सतर्कता और मुखबिरों की मदद से कई अवैध शराब के ठिकानों का पता लगाया जा रहा है, जिससे सरकार के राजस्व को भी बढ़ावा मिलता है।
समुदाय की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कच्ची शराब का कारोबार समय-समय पर उनकी स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को खतरे में डालता है। लोगों ने इस प्रकार की कार्रवाइयों का स्वागत किया है और ऐसी अधिक छापेमारी की उम्मीद की है। इससे समाज में अव्यवस्था को कम किया जा सकेगा और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में भी कमी आएगी।
इन कार्रवाइयों से यह साफ है कि आबकारी विभाग अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपना रहा है और वे इसे समाप्त करने के लिए प्रत्येक संभव प्रयास कर रहे हैं।
निष्कर्ष
रामनगर में हुई इस छापेमारी ने एक बार फिर साबित किया है कि आबकारी विभाग स्थानीय निवासियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर है। ऐसी कार्रवाइयाँ न केवल अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने में मदद करेंगी, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी सहायक सिद्ध होंगी। इसके साथ ही, विभाग को चाहिए कि वह लोगों के विश्वास को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास करता रहे।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, सना शर्मा
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