उत्तरकाशी में विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन, सीएम धामी ने कहा – रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म है हमारा लक्ष्य
उत्तरकाशी: शीतकालीन चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को वर्षभर रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के लिए तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया। विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव में सीएम ने कहा विनाश नहीं, रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म हमारा लक्ष्य कॉनक्लेव में एसोसिएशन ऑफ […] The post उत्तरकाशी में विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ, सीएम धामी बोले– विनाश नहीं रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म हमारा लक्ष्य first appeared on Vision 2020 News.
उत्तरकाशी में विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन, सीएम धामी ने कहा – रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म है हमारा लक्ष्य
उत्तरकाशी: शीतकालीन चारधाम यात्रा और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों को वर्षभर रोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि 'विनाश नहीं, रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म हमारा लक्ष्य' है।
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव में प्रतिभागियों की विशेष उपस्थिति
इस कॉन्क्लेव में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से विभिन्न राज्यों से आए लगभग 50 टूर ऑपरेटर्स ने भाग लिया। इसके अलावा, राज्य और स्थानीय स्तर से भी 50-50 टूर ऑपरेटर्स इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी, ट्रैकिंग संगठन उत्तरकाशी और सांकरी के पंजीकृत प्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण सहभागिता रही।
पर्यटन के लिए नए मार्ग पर चलने की आवश्यकता
इस कार्यक्रम के माध्यम से शीतकालीन पर्यटन की संभावनाओं पर चर्चा की गई, और यह सुनिश्चित किया गया कि उत्तराखंड को वर्षभर एक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके। तीन दिवसीय कॉन्क्लेव के दौरान विभिन्न टूर ऑपरेटर्स गंगा और यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थलों का भ्रमण करेंगे, जिससे शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री का संदेश: पलायन को रोकने के उपाय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन सम्मेलन केवल औपचारिक संवाद नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड के पर्यटन को नई दिशा देने का साझा प्रयास है। उन्होंने उल्लेख किया कि देश के बड़े शहर प्रदूषण और अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में उत्तराखंड एक 'नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन' बन सकता है।
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड केवल चार धाम यात्रा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह वेलनेस, नेचर, एडवेंचर, योग और सस्टेनेबल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उत्तराखंड: एक नई पहचान का निर्माण
मुख्यमंत्री ने टूर ऑपरेटर्स की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि उत्तराखंड को सिर्फ 4-6 महीने का नहीं, बल्कि 12 महीने का पर्यटन राज्य बनाया जाए। उन्होंने राज्य सरकार की शीतकालीन पर्यटन नीति का वर्णन किया, जिसके अंतर्गत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पहाड़ों में पलायन न रुकें और स्थानीय युवा रोजगार के लिए बाहर न जाएं।
सरकार का समर्थन और सहयोग
मुख्यमंत्री ने पर्यटन से जुड़े सभी हितधारकों से संवाद करते हुए कहा कि सरकार हर सम्भव सहयोग के लिए तैयार है। चाहे परमिशन हो, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, या मार्केटिंग सपोर्ट—सरकार सभी क्षेत्रों में सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखते हुए ही पर्यटन का विकास होना चाहिए।
स्थानीय संस्कृति का संरक्षण और रोजगार का सृजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने होमस्टे नीति को सरल बनाया है और स्थानीय आजीविकाओं को जोड़ने के लिए योजनाएँ बनाई हैं। उन्होंने टूर ऑपरेटर्स से आग्रह किया कि वे अपने पर्यटन पैकेज में उत्तरकाशी, चमोली, औली आदि जैसे सीमांत गांवों को शामिल करें।
निवेश के लिए तैयार उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने युवाओं और निवेशकों को संदेश देते हुए कहा कि उत्तराखंड भारत के सबसे बड़े रोजगार इंजिनों में से एक बन सकता है। उन्होंने स्थानीय होमस्टे संचालकों, टैक्सी चालकों, होटल मालिकों और ट्रैवल एजेंटों के लिए काम का सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
कम शब्दों में कहें तो, उत्तरकाशी में आयोजित इस विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव के जरिए उत्तराखंड को पर्यटन क्षेत्र में एक नई दिशा देने का प्रयास किया गया है। इसके तहत सीएम धामी द्वारा रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया है। अधिक जानकारियों के लिए हमारे साथ बने रहें और यहां जाएं: https://indiatwoday.com.
सादर, टीम इंडिया टुडे, संजना जोशी
What's Your Reaction?