सीएम धामी ने पूर्व सैनिक सम्मेलन में की भावुक घोषणाएं, पिता की तस्वीर देख रो पड़े
रैबार डेस्क: राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में किया पूर्व... The post सैनिक पिता की फोटो देखकर भावुक हुए सीएम, पूर्व सैनिक सम्मेलन में सैनिकों के लिए की कई घोषणाएं appeared first on Uttarakhand Raibar.
सीएम धामी ने पूर्व सैनिक सम्मेलन में की भावुक घोषणाएं, पिता की तस्वीर देख रो पड़े
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, सीएम धामी ने हल्द्वानी में पूर्व सैनिक सम्मेलन में अपने पिता की तस्वीर देखकर भावुक हुए। इस अवसर पर उन्होंने सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में हल्द्वानी में एक भव्य पूर्व सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न कोनों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके परिवार शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान, जब सीएम धामी को उनके सैनिक पिता की छवि भेंट की गई, तो वह अपने भावनाओं को रोक नहीं पाए और उनके आंखों में आंसू आ गए।
सैनिकों के प्रति सम्मान और आभार
मुख्यमंत्री धामी ने उपस्थित सभी पूर्व सैनिकों पर पुष्पवर्षा करके उनकी सेवा और बलिदान के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड का हर परिवार गर्व से कह सकता है कि उनके घर से कोई न कोई भारत माता की सेवा के लिए समर्पित है।" उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देवभूमि उत्तराखंड वास्तव में एक वीरभूमि है, जहाँ की मिट्टी में राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना गहराई से बसी हुई है।
सैनिक कल्याण विभाग का पुनर्गठन
सीएम धामी ने इस अवसर पर सैनिक कल्याण विभाग के पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जाएगा, ताकि हर सैनिक परिवार को योजनाओं का लाभ सहजता से मिल सके।
इसके अलावा, हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पौड़ी में जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों और आवासीय भवनों के पुनर्निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें।
शहीदों की माताओं के लिए विशेष सहायता
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि शहीद सैनिकों की नारियों को आवासीय भवन निर्माण हेतु दी जाने वाली सहायता राशि को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जाएगा। यह निर्णय शहीदों की विधवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
छात्रावास का निर्माण
इसके अलावा, हल्द्वानी में सैनिकों के 150 बच्चों के लिए एक आधुनिक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा, जो कि सैनिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधा प्रदान करेगा।
सैनिक कभी ‘पूर्व’ नहीं होता-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि "सैनिक कभी पूर्व सैनिक नहीं होता, वह सदैव सैनिक ही रहता है।" उन्होंने देश में राष्ट्र विरोधी सोच के लिए कोई स्थान न होने और भारत में सभी आवश्यक सैन्य उपकरणों को स्वदेश में बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने उदाहरण के तौर पर ऑपरेशन सिंधु मेघ में स्वदेशी ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों की सफलता का भी जिक्र किया, जो दर्शाता है कि भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
इस प्रकार, यह सम्मेलन पूर्व सैनिकों के प्रति सम्मान और उनके कल्याण के लिए सीएम धामी के द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों का प्रतीक बन गया है।
जानें अधिक अपडेट के लिए, कृपया यहाँ क्लिक करें.
सादर,
टीम इंडिया टुडे, राधिका शर्मा
What's Your Reaction?