हल्द्वानी फर्जी क्रिकेट टूर्नामेंट: लाखों की ठगी, आरोपी की गिरफ्तारी - इंडिया टुडे

HALDWANI FAKE CRICKET TOURNAMENT: हल्द्वानी में टी-20 क्रिकेट लीग के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है. इंदिरा गांधी स्टेडियम में ईवीसीएल टूर्नामेंट कराने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठे गए, जिसमें पूर्व विधायक समेत कई लोग शिकार बने. हल्द्वानी में फेक क्रिकेट टूर्नामेंट का झांसा देकर लाखों की ठगी जानकारी के मुताबिक, […] The post HALDWANI FAKE CRICKET TOURNAMENT: क्रिकेट टूर्नामेंट के नाम पर लाखों का झांसा, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार first appeared on Vision 2020 News.

Feb 6, 2026 - 00:27
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हल्द्वानी फर्जी क्रिकेट टूर्नामेंट: लाखों की ठगी, आरोपी की गिरफ्तारी - इंडिया टुडे
HALDWANI FAKE CRICKET TOURNAMENT: हल्द्वानी में टी-20 क्रिकेट लीग के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है. इंदिरा गांधी

हल्द्वानी में फर्जी क्रिकेट टूर्नामेंट का बड़ा मामला सामने आया

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कम शब्दों में कहें तो, हल्द्वानी में क्रिकेट लीग के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

HALDWANI FAKE CRICKET TOURNAMENT

फर्जी क्रिकेट टूर्नामेंट का ठगी का मामला

हल्द्वानी के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित ईवीसीएल (EVCAL) क्रिकेट टूर्नामेंट के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी की गई। जानकारी के अनुसार, आयोजक विकास ढाका ने स्थानीय कारोबारियों और क्रिकेट प्रेमियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सितारों के नाम पर आकर्षित किया। उन्होंने टीम खरीदने का बहाना बनाकर अत्यधिक धनराशि वसूली।

अधिकारी और पूर्व विधायक बने शिकार

इस ठगी के शिकार में सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल भी शामिल हैं, जिन्होंने उत्तराखंड सोल्जर्स टीम के लिए 5 लाख रुपये दिए। इसके अलावा, हरियाणा के हेमंत शर्मा से यूपी वॉरियर्स टीम के लिए 23 लाख रुपये ठग लिए गए। लेकिन अब तक किसी भी पीड़ित को लिखित समझौता नहीं दिया गया था, जिससे ठगी का और भी खुलासा हुआ।

दिखावे के लिए पिच तैयार की गई

ठगी की अनियमितताएं जब स्पष्ट होने लगीं, तो आयोजकों ने टीम मालिकों को बैनर और होर्डिंग बनाने को कहा, जबकि संबंधित एजेंसियों को कोई भी भुगतान नहीं किया गया। खेल विभाग से भी समन्वय नहीं किया गया और न ही मैदान की कोई फीस जमा की गई। स्टेडियम में पिच तो तैयार कर दी गई, लेकिन आयोजन की तारीखें बार-बार टलती रहीं।

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया

3 फरवरी और हर बार एक नई तारीख पर भी जब टूर्नामेंट नहीं हुआ, तो पीड़ितों ने एसएसपी मंजुनाथ टीसी से शिकायत दर्ज करवाई। इसी दौरान विकास ढाका होटल से फरार होने की कोशिश कर रहा था, तब पुलिस ने उसे चेकआउट करते वक्त हिरासत में लिया। अब पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और अन्य पीड़ितों की जानकारी भी जुटा रही है।

थाना और क्षेत्रीय पुलिस की भूमिका

पुलिस की इस तत्परता की सराहना की जा रही है, जबकि इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए कि इसकी रोकथाम कैसे की जा सकती है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करने से ही भविष्य में अन्य संभावित ठगों को रोका जा सकेगा। इसके अलावा, स्थानीय लोगों को भी जागरूक किया जाना चाहिए ताकि वे ठगी के ऐसे मामलों से बच सकें।

हालांकि, यह मामला उन लोगों के लिए एक सबक है जो क्रिकेट जैसे खेलों में निवेश करना चाहते हैं। इसके लिए सही जानकारी और उचित जांच-पड़ताल आवश्यक है। आपत्तिजनक ठगी की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता रखनी चाहिए।

क्या आप इस मामले से जुड़ी और जानकारी पाना चाहेंगे? India Twoday पर अधिक अपडेट और समाचार के लिए हमारे साथ बने रहें।

संकेत करता है कि विश्वास और सतर्कता दोनों की आवश्यकता है।

टीम इंडिया टुडे, राधिका शर्मा

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