DEHRADUN: एनडीपीएस मामलों के शीघ्र निस्तारण का एडीजी का निर्देश, नशा तस्करी पर सख्त रुख

DEHRADUN: डॉ० वी० मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड द्वारा समस्त जनपदीय पुलिस प्रभारियों, एसटीएफ एवं परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत वाणिज्यिक मात्रा में बरामदगी से संबंधित लंबित विवेचनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई. नशा तस्करी पर कड़ा रुख, गैंगस्टर एक्ट सहित संपत्ति […] The post DEHRADUN: एनडीपीएस के लंबित मामलों पर सख्ती, एडीजी कानून व्यवस्था ने दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश first appeared on Vision 2020 News.

Feb 22, 2026 - 00:27
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DEHRADUN: एनडीपीएस मामलों के शीघ्र निस्तारण का एडीजी का निर्देश, नशा तस्करी पर सख्त रुख
DEHRADUN: डॉ० वी० मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड द्वारा समस्त जनप

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में एनडीपीएस एक्ट के तहत लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए एडीजी ने सख्त निर्देश दिए हैं।

DEHRADUN: उत्तराखंड के अपर पुलिस महानिदेशक, डॉ. वी. मुरूगेशन ने हाल ही में समस्त जनपदीय पुलिस प्रभारियों, एसटीएफ और परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेशन के तहत एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत लंबित विवेचनाओं की गहन समीक्षा की। यह कदम नशा तस्करी से निपटने के लिए राज्य की तैयारी को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।

नशा तस्करी के खिलाफ सख्ती और कानून कार्यवाही में तेजी

डॉ. मुरूगेशन ने यह स्पष्ट किया कि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित वाणिज्यिक मात्रा संबंधी मामलों में निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण किया जाना आवश्यक है। गढ़वाल परिक्षेत्र के 33 और कुमाऊँ परिक्षेत्र के 44 मामलों की विवेचना की गई, और संबंधित सबूतों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाने लगी है।

उन्‍होंने बताया कि नशा तस्करी के मामलों में गिरफ्तार होने के बाद मुख्य ड्रग तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करना और कठोर विधिक कार्यवाही करना अनिवार्य है। इसके लिए सभी परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों को समय-समय पर निकटतम निगरानी रखने और वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेष निगरानी और डेटा प्रबंधन की आवश्यकता

सम्बंधित पोर्टल का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की भी बात कही गई, ताकि अभ्यस्त अपराधियों की हिस्ट्रीशीट को खोलकर उनकी निरंतर निगरानी की जा सके। यह कदम केवल मौजूदा मामलों के निस्तारण के लिए ही नहीं, बल्कि नये मामलों की पहचान के लिए भी महत्वपूर्ण है।

वाणिज्यिक मामलों का सतत अद्यतन और निगरानी

गोष्ठी के दौरान एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक को निर्देशित किया गया कि वे जनपदों में पंजीकृत वाणिज्यिक मामलों की विवेचनात्मक कार्यवाही की नियमित समीक्षा करें। प्रदेश स्तरीय एएनटीएफ में एनडीपीएस एक्ट से संबंधित सभी सूचनाओं का व्यवस्थित अभिलेखीकरण हो सके, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

डॉ. मुरूगेशन ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही, या मिलीभगत पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। जिन मामलों में मादक पदार्थों की परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद भी विवेचना लंबित है, उन पर विस्तृत जांच की जाएगी।

उन्होंने जनपद हरिद्वार के दो मामलों और जनपद देहरादून तथा नैनीताल के एक-एक मामले में अन्वेषण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विवेचकों के खिलाफ प्रारंभिक जांच और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। अंतिम रूप से, क्षेत्राधिकारियों को भी पर्यवेक्षण के स्तर को सुधारने का निर्देश दिया गया।

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सादर,

टीम इंडिया टुडे, साक्षी शर्मा

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