अंकिता भंडारी हत्याकांड: दिल्ली हाईकोर्ट से BJP नेता दुष्यंत कुमार गौतम को राहत, कांग्रेस-आप को मानहानिकारक पोस्ट हटाने का आदेश
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाले कथित मानहानिकारक सोशल मीडिया कंटेंट पर बड़ी राहत दी है। जस्टिस मिनी पुष्करणा की बेंच ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और अन्य प्रतिवादियों को ऐसे किसी भी कंटेंट को पोस्ट करने या प्रसारित करने से …
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाले कथित मानहानिकारक सोशल मीडिया कंटेंट पर बड़ी राहत दी है। जस्टिस मिनी पुष्करणा की बेंच ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और अन्य प्रतिवादियों को ऐसे किसी भी कंटेंट को पोस्ट करने या प्रसारित करने से अंतरिम रूप से रोक लगा दी, जिसमें गौतम को मामले के कथित ‘वीआईपी’ के रूप में टारगेट किया गया हो।
कोर्ट ने प्रतिवादियों को 24 घंटे के अंदर विवादित पोस्ट और वीडियो हटाने का निर्देश दिया। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स नियमों के तहत उन्हें हटा देंगे। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया (प्राइमा फेसी) मानहानि का मामला बनने और निरंतर प्रसार से अपूरणीय क्षति होने की आशंका जताई।
यह अंतरिम आदेश गौतम की ओर से दायर मानहानि मुकदमे पर पारित किया गया, जिसमें उन्होंने 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। याचिका में अभिनेत्री उर्मिला सनावर, पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी सहित कई व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रतिवादी बनाया गया है।
विवाद की जड़ दिसंबर 2025 में उर्मिला सनावर द्वारा जारी वीडियो और ऑडियो क्लिप्स हैं, जिनमें एक ‘वीआईपी’ का जिक्र कर गौतम पर गंभीर आरोप लगाए गए। गौतम ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है।
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