आंध्र प्रदेश को उत्तराखंड की बेहतरीन प्रैक्टिसेज से मिली प्रेरणा: दिनकर लंका
उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिसेज से आंध्र प्रदेश प्रभावित आंध्र की बीस सूत्री कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष ने कहा-हम भी इन पर विचार करेंगे बीस सूत्री कार्यक्रमों पर आंध्र-उत्तराखंड ने बांटे अनुभव देहरादून: उत्तराखंड में बीस सूत्री कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए जिस तरह से विभाग कार्य कर रहे हैं, उसने आंध्र प्रदेश को काफी प्रभावित […] The post उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिसेज से आंध्र प्रदेश प्रभावित-दिनकर लंका first appeared on Vision 2020 News.
आंध्र प्रदेश को उत्तराखंड की बेहतरीन प्रैक्टिसेज से मिली प्रेरणा: दिनकर लंका
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कम शब्दों में कहें तो, आंध्र प्रदेश के बीस सूत्री कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष दिनकर लंका ने कहा है कि वे उत्तराखंड द्वारा अपनाई गई बेहतरीन प्रैक्टिसेज पर विचार करेंगे।
देहरादून: हाल ही में उत्तराखंड में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में, आंध्र प्रदेश की बीस सूत्री कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष दिनकर लंका ने उत्तराखंड के कामों की सराहना की है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में बीस सूत्री कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन ने आंध्र प्रदेश की कार्यप्रणाली को काफी प्रभावित किया है।
उत्तराखंड की बेस्ट प्रैक्टिसेज
दिनकर लंका ने कहा, "सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उत्तराखंड की जो बेहतरीन प्रैक्टिसेज अपनाई जा रही हैं, वे न केवल प्रभावी हैं बल्कि अद्भुत भी हैं। इनका अध्ययन करके हम आंध्र प्रदेश में भी इन्हें लागू करने पर विचार करेंगे।"
मंगलवार को अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश ने अपने अनुभव साझा किए। उत्तराखंड ने बीस सूत्री कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में अपनाई गई विधियों को विस्तार से प्रस्तुत किया। इस दौरान सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर भी गहन चर्चा हुई।
उत्तराखंड का एसडीजी में अद्वितीय योगदान
सेतु आयोग के निदेशक डॉ. मनोज कुमार पंत ने बताया कि उत्तराखंड राज्य में 2016-17 से सतत विकास लक्ष्यों का अनुश्रवण लगातार 369 संकेतकों के आधार पर किया जा रहा है। वर्तमान में, राज्य में 39 संकेतकों के आधार पर मासिक रैंकिंग जारी की जाती है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड ने अखिल भारतीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकसित भारत 2047" मिशन के अंतर्गत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर, उत्तराखंड ने 2047 तक के लिए एक ठोस रुख अपनाया है। इसके तहत, अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
बीस सूत्री कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी
बीस सूत्री कार्यक्रम के संयुक्त निदेशक त्रिलोक सिंह अन्ना ने जानकारी दी कि इन कार्यक्रमों की अनुश्रवण प्रणाली को सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप तैयार किया गया है। उनके अनुसार, 81 योजनाओं के 246 सूचकों की प्रगति की रिपोर्टिंग की जा रही है। यह प्रक्रिया जनपदवार मासिक रैंकिंग के माध्यम से नियमित रूप से की जाती है।
कार्यक्रम के दौरान, जनता के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रमोट करने के लिए उत्तरी क्षेत्र के जनपदों को पुरस्कृत किया जाएगा। विकासखण्ड स्तर की फ्रेमवर्क के तहत, जनपदों के प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग प्रणाली को तैयार किया गया है।
आंध्र प्रदेश की स्थिति पर लंका का दृष्टिकोण
दिनकर लंका ने स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश भी "स्वर्ण आंध्र 2047" मिशन पर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य को पूरा करने के प्रयासों को हर स्तर पर लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने उत्तराखंड की कार्यप्रणाली की सराहना की और कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
अन्य विभागों की जानकारियाँ
कार्यक्रम में विभिन्न केंद्र पोषित और राज्य की प्रमुख योजनाओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। समग्र शिक्षा विभाग द्वारा किए गए नवाचारों पर भी चर्चा हुई, जैसे विद्या समीक्षा केंद्र, जादुई पिटारा, सुपर-100, और निपुण विद्यार्थी प्रतियोगिता।
अंत में, इस कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक डॉ. दिनेश चंद्र बडोनी द्वारा किया गया, जिसमें हालिया योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की जानकारी दी गई।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, सुमिता शर्मा
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