उत्तराखंड उच्च न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय: स्वामी कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट की सम्पत्ति बीकेटीसी को सौंपी गई

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्वामी कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट की संपूर्ण संपत्ति, मंदिर, धर्मशाला, गोशाला और अन्य चल-अचल संपत्तियों—का प्रबंधन एवं संचालन श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को सौंपने का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकल पीठ ने मंगलवार (18 नवंबर 2025) को सभी पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध सबूतों …

Nov 19, 2025 - 00:27
 56  501822
उत्तराखंड उच्च न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय: स्वामी कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट की सम्पत्ति बीकेटीसी को सौंपी गई
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्वामी कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट की संपूर्ण संपत्ति, मंदिर, धर्

उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: स्वामी कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट की सम्पत्ति BKTC को सौंपी

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने स्वामी कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट की सम्पूर्ण संपत्ति का प्रबंधन एवं संचालन बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को सौंपने का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मंगलवार को स्वामी कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट की संपत्तियों के बारे में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकल पीठ ने यह आदेश जारी किया, जिसमें ट्रस्ट की संपत्ति, मंदिर, धर्मशाला, गोशाला और अन्य चल-अचल संपत्तियों का प्रबंधन अब बीकेटीसी को सौंपा गया है।

फैसले की पृष्ठभूमि

यह आदेश अपील संख्या 2008/2016 और याचिका संख्या 10511/2025 के संदर्भ में पारित किया गया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान सभी पक्षों ने अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं, जिसके बाद कोर्ट ने सभी सबूतों की समीक्षा की।

ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला के निकट स्थित इस ट्रस्ट की संपत्तियों पर पिछले कुछ वर्षों से विवाद चला आ रहा था। यह मामला 2014 में देहरादून जिला न्यायालय में पहली बार उठा था। रिपोर्टों के अनुसार, लंबी सुनवाई के दौरान पता चला कि कुछ व्यक्तियों ने ट्रस्ट की संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था और उन्हें धोखाधड़ी से बेचा तथा खरीदा जा रहा था। इस स्थिति में मूल हकदारों को बाहर का रास्ता दिखाते हुए अवैध तरीके से संपत्तियों का कारोबार किया जा रहा था।

न्यायालय के आदेश का महत्व

इस निर्णय के फलस्वरूप अब ट्रस्ट की सभी संपत्तियों का संचालन बीकेटीसी के हाथों में आएगा। इससे अवैध कब्जे को खत्म करने और संपत्तियों के दुरुपयोग पर रोक लगने की उम्मीद है। यह निर्णय न केवल स्वामी कैलाशानंद मिशन ट्रस्ट के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके माध्यम से धार्मिक और सामाजिक स्थलों के प्रबंधन में सुधार की उम्मीद भी जगाई गई है।

अन्य समसामयिक मुद्दे

उत्तराखंड की न्यायालयी व्यवस्था को देखते हुए इस फैसले के आने से अन्य ट्रस्टों और धार्मिक संस्थानों को भी दिशा-निर्देश मिलेंगे। इससे सभी संबंधित अधिकारियों को यह समझ आ जाएगा कि संपत्तियों के अवैध कब्जे के मामले में कानून सख्ती से कार्यवाही करेगा।

इस फैसले के असर को अति महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे ट्रस्ट की सम्पत्तियों पर आम जन की रुचि और विश्वास बढ़ेगा। इसके साथ ही, त्यौहारों और धार्मिक आयोजनों के समय त्रुटियों और खामियों को कम करने में मदद मिलेगी।

उम्मीद की जा रही है कि इस निर्णय से और भी स्पष्टता आएगी, और यदि किसी अन्य व्यक्तियों ने पिछले वर्षों में इस तरह के एंटीसेप्टियों पर कब्जा किया है, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उम्मीद है कि यह सेवा लाभकारी साबित होगी और धार्मिक स्थानों का संचालन एक अच्छी दिशा में आगे बढ़ेगा।

आगे त्यौहारों के अवसर पर इस निर्णय का क्रियान्वयन भक्ति और श्रद्धा के भाव को बढ़ाने में मदद किया जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया हमारे पोर्टल पर जाएँ India Twoday.

सादर,

टीम इंडिया टुडे, प्रियंका शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow