उत्तराखंड किसान आत्महत्या का मामला: गणेश गोदियाल ने उठाई न्यायिक जांच की मांग
उत्तराखंड किसान आत्महत्या मामला सरकार और पुलिस के लिए कलंकः- गणेश गोदियाल काशीपुर के किसान आत्महत्या मामले की हो न्यायिक जांचः- यशपाल आर्य देहरादून: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल एवं नेता प्रतिपक्ष श्री यशपाल आर्य ने आज उधमसिंहनगर के ग्राम पैगा पहुंचकर मृतक किसान सुखवंत सिंह के परिजनों से मुलाकात कर शोक एवं सांत्वना व्यक्त […] The post उत्तराखंड किसान आत्महत्या मामला सरकार और पुलिस के लिए कलंकः- गणेश गोदियाल first appeared on Vision 2020 News.
उत्तराखंड किसान आत्महत्या का मामला: गणेश गोदियाल ने उठाई न्यायिक जांच की मांग
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इसे सरकार और पुलिस के लिए कलंक बताया है। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
देहरादून: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आज उधमसिंहनगर के ग्राम पैगा पहुंचकर मृतक किसान सुखवंत सिंह के परिवार से मुलाकात की और शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान, कांग्रेस के नेताओं ने काशीपुर में हुई इस किसान आत्महत्या की न्यायिक जांच की मांग की। गणेश गोदियाल ने कहा, "किसान की आत्महत्या के कारण गंभीर और मानवता को झकझोर देने वाले हैं। वर्तमान में राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, और काशीपुर में किसान की आत्महत्या इसका एक जीता-जागता उदाहरण है।"
उन्होंने आगे कहा, "यह केवल एक किसान की आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि धामी सरकार और राज्य पुलिस के लिए एक बड़ा कलंक है। इस प्रकार के कृत्यों में यदि पुलिस अधिकारी संलिप्त हैं, तो यह राज्यवासियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।" कृष्ण लाल सुखवंत द्वारा की गई धोखाधड़ी की शिकायत के संदर्भ में गवाही देकर कार्रवाई करने के बजाय संबंधित पुलिस अधिकारियों ने आरोपी से पैसे लेकर किसान को प्रताड़ित और धमकाया, जिसके कारण उसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा।
गणेश गोदियाल ने उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की और सुझाव दिया कि मृतक किसान के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए तथा आरोपी पुलिस अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें। उन्होंने कहा, "इस मामले में कोई भी ढीली कार्रवाई स्वीकार्य नहीं होगी, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी इस मामले में पुलिस कर्मियों के निलंबन को недостат समझा। उन्होंने आरोप लगाया कि, "पुलिस प्रशासन की प्रताड़ना और राजनीतिक सत्ता के उन्माद के आगे, एक किसान को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं है, बल्कि राज्य की अमानवीय नीतियों का परिणाम है।"
उन्होंने सरकार से न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि, "दूसरी ओर, मृतक किसान के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। आरोपी अधिकारियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला भी दर्ज किया जाना चाहिए। भाजपा सरकार में किसानों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है, और पीड़ितों को न्याय मिलना मुश्किल हो रहा है। कांग्रेस इस परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।"
इस दौरान, कांग्रेस के अन्य नेता जैसे राष्ट्रीय सचिव मनोज यादव, विधायक तिलकराज बेहड़, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी, विधायक जसपुर आदेश चौहान, जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा, एआईसीसी सदस्य अनुपम शर्मा, इंदु मान, संदीप सहगल और मनोज जोशी भी उपस्थित थे।
यह घटना केवल एक व्यक्ति के दुख की कहानी नहीं है, बल्कि यह पूरे राज्य में किसानों की जीवन स्थिति और सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती है। इसलिए सभी संबंधित पक्षों को इस मामले की गंभीरता को समझना जरूरी है।
हमारी सरकार और पुलिस को किसान की समस्याओं का संज्ञान लेना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में किसी भी किसान को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े। इस मामले से संबंधित सभी अपडेट के लिए, कृपया यहां क्लिक करें।
Team India Twoday
प्रिया शुक्ला
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