उत्तराखंड राज्य आंदोलन के नेता दिवाकर भट्ट का निधन, 79 वर्ष की आयु में हुई अंतिम विदाई

हरिद्वार/देहरादून : उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख योद्धा, उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के संस्थापक सदस्य, पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का आज शाम करीब 4:30 बजे हरिद्वार के तरुण हिमालय स्थित आवास पर निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे। लंबी बीमारी से जूझ रहे दिवाकर भट्ट पिछले कई दिनों से देहरादून …

Nov 25, 2025 - 18:27
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उत्तराखंड राज्य आंदोलन के नेता दिवाकर भट्ट का निधन, 79 वर्ष की आयु में हुई अंतिम विदाई
हरिद्वार/देहरादून : उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख योद्धा, उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के स

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के नेता दिवाकर भट्ट का निधन, 79 वर्ष की आयु में हुई अंतिम विदाई

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख योद्धा दिवाकर भट्ट का देहरादून में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनका निधन हरिद्वार के तरुण हिमालय स्थित आवास पर हुआ।

हरिद्वार/देहरादून : उत्तराखंड की स्वतंत्रता संग्राम के नायक, उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के संस्थापक सदस्य और पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का निधन आज शाम लगभग 4:30 बजे हरिद्वार के तरुण हिमालय में उनके निवास पर हुआ। उनकी उम्र 79 वर्ष थी। पिछले कुछ समय से वे लंबी बीमारी से ग्रस्त थे और हाल ही में देहरादून के महंत इंद्रेश अस्पताल में भर्ती थे।

वरिष्ठ नेता की स्थिति बेहतर नहीं थी, जिसका देखते हुए आज उनके परिजनों ने उन्हें घर लाने का निर्णय लिया। घर पहुंचते ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्होंने निधन ले लिया। दिवाकर भट्ट का जीवन उत्तराखंड की अलग राज्य की लड़ाई में समर्पित रहा है, और उन्होंने अपने लोगों के लिए कई संघर्ष किए हैं।

राज्य आंदोलन में योगदान

1970 के दशक से जब उत्तराखंड अलग राज्य बनने की मांग तेज हुई, दिवाकर भट्ट ने इस आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने वन आंदोलन से लेकर राज्य आंदोलन तक कई बार लंबी जेल यात्राएं की। 1995 में श्रीनगर के श्रीयंत्र टापू आंदोलन का नेतृत्व करते हुए उन्होंने टिहरी की खैट पर्वत पर आमरण अनशन किया, जो उनके साहस का प्रतीक था।

राजनीतिक करियर

राज्य के गठन के बाद, दिवाकर भट्ट भाजपा-उक्रांद गठबंधन सरकार में कैबिनेट मंत्री बने और उन्होंने राजस्व तथा आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला। खंडूरी सरकार द्वारा लागू किया गया कठोर भू-कानून भी उनके द्वारा तैयार की गई नीतियों का परिणाम था। इसके अलावा, बीएचईएल हरिद्वार में कर्मचारी नेता और कीर्तिनगर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख के रूप में उनकी सक्रियता भी सराहनीय रही।

अंतिम विदाई और शोक संदेश

परिजनों ने बताया कि दिवाकर भट्ट का अंतिम संस्कार कल हरिद्वार में किया जाएगा। उनके निधन से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्रियों और राज्य के सभी प्रमुख नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। वे उत्तराखंड राज्य आंदोलन के एक और सिपाही को अलविदा कह रहे हैं, जो उनके संघर्ष और बलिदानों को हमेशा याद रखेंगे।

उनके योगदान के लिए उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, हम यह मानते हैं कि दिवाकर भट्ट ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन को एक नई दिशा प्रदान की और उनकी गरिमा हमेशा हमारा मार्गदर्शन करेगी।

इसके अलावा, इस विषय में और जानने के लिए https://indiatwoday.com पर विजिट करें।

— Team India Twoday, राधिका शर्मा

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