नैनीताल: वायरल पोस्ट की जांच के लिए डीएम ने दिए आदेश, शिकायतों पर तथ्यात्मक रिपोर्ट की मांग
Corbetthalchal nainitalसोशल मीडिया पर वायरल वीडियो/पोस्ट की सत्यता की जांच के आदेश, शिकायतों पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी नैनीताल-सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक व्यक्ति द्वारा विभिन्न राजस्व कार्यों के लिए “निर्धारित…
नैनीताल में वायरल पोस्ट से मचा हड़कंप, डीएम ने शुरू की सत्यता की जांच
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो/पोस्ट की सत्यता की जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला तब चर्चा में आया जब एक व्यक्ति द्वारा विभिन्न राजस्व कार्यों के लिए “निर्धारित रेट/फीस” की जानकारी देने वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किया गया। इस वायरल सामग्री को लेकर कई लोगों ने शिकायतें की हैं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तथ्यात्मक रिपोर्ट की मांग की है।
वायरल वीडियो का विवरण
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक व्यक्ति द्वारा सरकार के राजस्व विभाग के विभिन्न कार्यों के लिए निर्धारित शुल्क का जिक्र किया गया है। इस वीडियो में विभिन्न सरकारी प्रक्रियाओं में आने वाले खर्चों के बारे में बताया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या ये शुल्क सही हैं या इन्हें गलत तरीके से पेश किया गया है।
डीएम ललित मोहन रयाल का संज्ञान
डीएम ललित मोहन रयाल ने वायरल पोस्ट की गंभीरता को देखते हुए उन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की है जो नागरिकों ने इस वीडियो को लेकर की थीं। उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जनता को सही और सटीक जानकारी मिले। इस प्रकार की गलत जानकारी से नागरिकों में भ्रम फैल सकता है।"
शिकायतों पर ध्यान केंद्रित
नैनीताल के डीएम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस वायरल पोस्ट की जांच करें और इससे जुड़ी शिकायतों की तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करें। यह जांच विभिन्न विभागों के स्तर पर की जाएगी ताकि जानकारी की सहीता का पता लगाया जा सके।
सोशल मीडिया पर बढ़ रही है जागरूकता
हाल के दिनों में, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती हुई जागरूकता ने नागरिकों को ऐसे मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया है। जब भी किसी प्रकार की गलत या भ्रामक जानकारी सामने आती है, लोग तुरंत अपने अधिकारों के प्रति सजग हो जाते हैं। इससे यह साबित होता है कि डिजिटल युग में सूचना का सही होना कितना महत्वपूर्ण है।
प्रमुख निष्कर्ष
डीएम द्वारा लिए गए इस निर्णय से एक बात साफ है कि प्रशासन नागरिकों की चिंताओं को गंभीरता से ले रहा है। यह नियुक्ति हमें यह याद दिलाती है कि हमारी जिम्मेदारी केवल सही काम करना ही नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि नागरिकों को सही जानकारी मिले।
इस मामले पर और जानकारी के लिए, हमारे साथ बने रहें। India Twoday पर अधिक अपडेट्स के लिए विजिट करें।
सादर,
टीम इंडिया ट्वोडे, साक्षी गुप्ता
What's Your Reaction?