चारधाम यात्रा 2026: एटीसी प्रणाली से बदलेंगी केदारनाथ और बदरीनाथ की हेलीकॉप्टर उड़ानें

देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा 2026 के दौरान हेलीकॉप्टर यात्रा को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पहली बार केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) प्रणाली स्थापित की जा रही है, जिससे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पल-पल मौसम की जानकारी उपलब्ध होगी और उड़ानों पर सतत …

Feb 19, 2026 - 09:27
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चारधाम यात्रा 2026: एटीसी प्रणाली से बदलेंगी केदारनाथ और बदरीनाथ की हेलीकॉप्टर उड़ानें
देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा 2026 के दौरान हेलीकॉप्टर यात्रा को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उत्त

चारधाम यात्रा 2026: एटीसी प्रणाली से बदलेंगी केदारनाथ और बदरीनाथ की हेलीकॉप्टर उड़ानें

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कम शब्दों में कहें तो, आगामी चारधाम यात्रा 2026 के दौरान हेलीकॉप्टर यात्रा को और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एटीसी प्रणाली की स्थापना की है।

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा 2026 के अवसर पर हेलीकॉप्टर यात्रा के सुरक्षा मानकों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस बार, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में पहली बार हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) प्रणाली स्थापित की जा रही है। इससे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की पल-पल की जानकारी उपलब्ध होगी और हेलीकॉप्टर उड़ानों पर सतत निगरानी रखी जा सकेगी। इससे तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

उड्डयन सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम

यह व्यवस्था उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) द्वारा की जा रही है। पिछले वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ और उत्तरकाशी क्षेत्र में हुए दो हेलीकॉप्टर हादसों में 13 तीर्थयात्रियों की जान गई थी। इन दुर्घटनाओं ने सुरक्षा मानकों पर नज़र रखने की आवश्यकता को उजागर किया। उसके बाद, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और यूकाडा ने हेलीकॉप्टर उड़ानों के लिए सख्त सुरक्षा मानक लागू किए हैं।

हिमालयी मौसम की चुनौतियाँ

हिमालयी क्षेत्र में मौसम तेजी से बदल सकता है। घाटियों में धुंध, बारिश या बर्फबारी हेलीकॉप्टर उड़ानों में बाधा डालती हैं और हादसों की संभावना बढ़ा देती हैं। एटीसी प्रणाली से इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा। यह प्रणाली रीयल-टाइम मौसम की जानकारी देगी और हेलीकॉप्टरों की लाइव ट्रैकिंग में सहायता करेगी। यदि मौसम प्रतिकूल होता है, तो उड़ान की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

अन्य हेलिपैड और एटीसी व्यवस्थाएँ

सिरसी और सहस्त्रधारा हेलिपैड पर पहले से एटीएस (एयर ट्रैफिक सर्विसेज) प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। ये नई एटीसी व्यवस्थाएँ चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही चालू कर दी जाएंगी। यह कदम तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी राहत बन सकता है।

यूकाडा की प्राथमिकताएँ

यूकाडा के CEO आशीष चौहान ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षित हेलीकॉप्टर सेवा संचालन के लिए पूर्णप्रूफ व्यवस्था विकसित की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि "हमारी प्राथमिकता तीर्थयात्रियों की सुरक्षा है। केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया 25 फरवरी तक पूरी कर ली जाएगी। उसके बाद एटीसी सिस्टम स्थापित किया जाएगा, ताकि मौसम संबंधी सटीक जानकारी और खराब मौसम में उड़ानों को रोका जा सके।"

दूरदर्शिता और सुरक्षा उपाय

यह पहल चारधाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ) के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा पर निर्भर श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी। यात्रा अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली है, और इन नई व्यवस्थाओं से दुर्घटनाओं का खतरा काफी कम होने की उम्मीद है। यूकाडा और डीजीसीए अन्य सुरक्षा उपायों पर भी काम कर रहे हैं, जिनमें उड़ानों की संख्या पर नियंत्रण, अनुभवी पायलटों की तैनाती और मौसम स्टेशन की स्थापना शामिल हैं।

सुरक्षित यात्रा के इन प्रयासों के साथ, उत्तराखंड सरकार आश्वस्त है कि तीर्थयात्री सुरक्षित और सुखद अनुभव प्राप्त करेंगे।

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सादर,
टीम इंडिया टुडे - साक्षी शर्मा

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