जल संरक्षण में अंतरराष्ट्रीय दल की सराहना, पुरोहितवाला का अद्वितीय मॉडल
देहरादून: जैव विविधता के संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग तथा प्रकृति-आधारित समाधानों को बढ़ावा देने के लिए गठित अंतराष्ट्रीय संघ आईयूसीएन (इंटरनेशन यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर) के प्रतिनिधिमंडल ने गुरूवार, 26 फरवरी को जनपद देहरादून स्थित ग्राम पुरोहित वाला (बाण गंगा जलागम) क्षेत्र का भ्रमण कर स्प्रिंग एंड रिवर रिज्युविनेशन के तहत संचालित […] The post जल संरक्षण मॉडल देखने पुरोहितवाला पहुंचा आईयूसीएन का अंतराष्ट्रीय दल, सशक्त जल संरक्षण की प्रशंसा first appeared on Vision 2020 News.
जल संरक्षण में अंतरराष्ट्रीय दल की सराहना, पुरोहितवाला का अद्वितीय मॉडल
देहरादून: जैव विविधता के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यरत अंतरराष्ट्रीय संघ आईयूसीएन (International Union for Conservation of Nature) का प्रतिनिधिमंडल 26 फरवरी, गुरूवार को उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित ग्राम पुरोहितवाला (बाण गंगा जलागम) का दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्प्रिंग और रिवर रिज्युविनेशन कार्यक्रम के तहत चलाए जा रहे विभिन्न जल संरक्षण कार्यों का अवलोकन किया। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, आईयूसीएन के अंतरराष्ट्रीय दल ने पुरोहितवाला क्षेत्र के जल संरक्षण मॉडल की सराहना की और बताया कि यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है। यदि आप अधिक जानकारी चाहते हैं तो यहाँ क्लिक करें
11 देशों के 17 प्रतिनिधियों ने बाणगंगा क्षेत्र के जल संरक्षण का किया गहन अध्ययन
आईयूसीएन के इस प्रतिनिधिमंडल में 11 देशों के 17 विशेषज्ञ शामिल थे। उन्होंने बाणगंगा जलागम क्षेत्र में किए गए विभिन्न संरक्षण उपायों का विस्तृत अध्ययन किया, जैसे वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण संरचनाएं, चेकडैम आदि। प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार ने प्रतिनिधियों को बाणगंगा स्प्रिंग शेड में जल संरक्षण के लिए निर्मित प्राकृतिक संरचनाओं की उपयोगिता और उनके द्वारा प्राप्त सकारात्मक परिणामों से अवगत कराया।
वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण की जानकारी
प्रतिनिधिमंडल ने स्प्रिंग और रिजुविनेशन ऑथोरिटी (सारा), वन विभाग और स्थानीय समुदाय द्वारा जल संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। इसे सामुदायिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा गया कि इस प्रकार की पहलों से जलवायु परिवर्तन की चुनौतियां पर काबू पाया जा सकता है और यह अन्य क्षेत्रों के लिए एक प्रेरणा बन सकती हैं।
मानव भारती एंगल हिल्स स्कूल में संवाद और पौधारोपण
पुरोहितवाला क्षेत्र के दौरे के बाद, प्रतिनिधिमंडल मानव भारती एंगल हिल्स स्कूल पहुंचा, जहां स्थानीय नागरिकों ने उनका भव्य स्वागत किया। प्रतिनिधियों ने स्थानीय निवासियों से संवाद किया और उनके अनुभव साझा किए। इस दौरान, टीम ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया।
सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण
एसीईओ सारा, डॉ. कहकशां नसीम ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जल स्रोतों के संरक्षण हेतु व्यापक अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इस संबंध में आईयूसीएन के द्वारा ब्रिज गैप परियोजना को भी उत्कृष्ट रूप से लागू किया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न राज्यों में जल संरक्षण क्रियान्वित किए जा रहे हैं।
ब्रिज गैप परियोजना के अंतर्गत दौरा
डॉ. नसीम ने आगे कहा कि ग्राम पुरोहितवाला में एक सक्रिय जल संरक्षण समूह है, जिसने सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों का उत्कृष्ट संरक्षण किया है। पिछले वर्षों में ‘सारा’ संस्थान और वन विभाग ने मिलकर जल और भूमि संरक्षण में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप जल प्रवाह में वृद्धि हुई है और स्थानीय समुदाय में उत्साह का वातावरण बना है।
आईयूसीएन प्रतिनिधिमंडल में यूनाइटेड किंगडम, नॉर्वे, पोलैंड, जर्मनी, इक्वाडोर, जिम्बाब्वे, अमेरिका, स्पेन, कैमरून, केन्या, ताजिकिस्तान एवं भारत सहित विभिन्न देशों के नुमाइंदे शामिल रहे।
सभी जल संरक्षण अभियानों की सफलता का मुख्य कारण स्थानीय समुदाय का सक्रिय सहयोग है, जिससे न केवल जल स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना भी किया जा सकता है।
- टीम इंडिया टुडे (नैना मेहरा)
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