देश में बनी 103 दवाओं के सैंपल फेल:हिमाचल में बनी 36 दवाएं शामिल, CDSCO की जांच में मानकों पर खरा नहीं उतरी दवाएं
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। फरवरी माह के ड्रग अलर्ट में देश में बन रही 103 दवाओं के सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें से 36 दवाएं अकेले हिमाचल प्रदेश में बनी हैं। हिमाचल में फेल दवाएं सोलन, कालाअंब, बद्दी, नालागढ़, बरोटीवाला, परमाणु और कांगड़ा के संसारपुर टैरेस की दवा फैक्ट्रियों में बन रही है। इन दवाओं का उपयोग शरीर दर्द, मानसिक रोग, एसिड, एलर्जी, बुखार, अल्सर और संक्रमण जैसी बीमारियों के इलाज में किया जाता है। इन दवाओं के सैंपल फेल हुए फेल दवाओं में रेब्रेप्राजोल टैबलेट, हेलोपेरिडोल इंजेक्शन, एम्ब्रोक्सोल हाइड्रोक्लोराइड सिरप और एड्रेनालाइन बिट्रार्टेट इंजेक्शन शामिल हैं। इसके अलावा एमिनोफाइलीन इंजेक्शन, बुपीवाकेन इंजेक्शन और कई अन्य महत्वपूर्ण दवाएं जांच में खरी नहीं उतर पाई। इन राज्यों में बन रही दवाओं के सैंपल भी फेल हिमाचल के अलावा गुजरात, तमिलनाडु, जम्मू, चेन्नई, आंध्र प्रदेश, मुंबई, मध्य प्रदेश, बेंगलुरु, हैदराबाद, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, उत्तराखंड, सिक्किम, पंजाब, बिहार और तिरुवनंतपुरम की दवा कंपनियों के उत्पाद भी सब-स्टैंडर्ड पाए गए हैं। हिमाचल के उद्योगों को भेजे जा रहे नोटिस राज्य औषधि विभाग ने हिमाचल में जो दवाएं फेल हुई है, उनकी निर्माता कंपनियों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही फेल दवाओं का पूरा स्टाफ विभाग के पास जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। किस कंपनी की कौन सी दवा का सैंपल फेल सनवेट हेल्थकेयर पौंटा साहिब की दवा फेरिक कार्बोक्सिमल्टोज इंजेक्शन 500 एमजी व 20 एमजी का सैंपल फेल हुआ है। इसी तरह एफी फार्मा बद्दी की दवा कैल्शियम विटामीन डी-3, कॉमस फार्मासल बरोटीवाला की दवा टेलफिन-सीटी, एलिनक्यूर बॉयोटेक कालाअंब की दवा सेफडोक्सी-सीवी-50, पोलेस्टर पॉवर इंडस्ट्री एमोक्सिसाइक्लिन टैबलेट, एक्यूरा केयर फार्मास्युटिकल की दवा रेबेप्राजोल टैबलेट, एनोरस फार्मा पैरासिटामोल का सैंपल भी फेल हुआ है। इन दवाओं के सैंपल फेल ली-फोर्ड हेल्थकेयर बद्दी की दवा एमब्रोक्स हाइड्रोकलोराइड, लोग्स फार्मा नालागढ़ की दवा ग्लीटेल एम1 व 2, हिलरस लैब यूनिट-2 की दवा पैरासिटॉमोल, जी लैबोट्रीज पौंटा साहिब की दवा पैरासिटामोल 500, स्पास रेमिडीज बद्दी की दवा फिवैनेक्स रैबिट 650, फार्मारूटस हेल्थकेयर बरोटीवाला की दवा इसोमिक 10, रिवांटिस हेल्थकेयर बद्दी की दवा टेलीमिस्ट्रान, सिम्बोइसिस फार्मा की दवा जिंक सॉफ्ट एमआई-6 व विग्स बॉयोटेक बद्दी की दवा पिओजल्टाजोन 15 भी जांच में मानको पर खरा नहीं उतर पाई।

देश में बनी 103 दवाओं के सैंपल फेल: हिमाचल में बनी 36 दवाएं शामिल
News by indiatwoday.com
चौंकाने वाला खुलासा: CDSCO की जांच में आईं समस्या
हाल ही में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने कुछ दवाओं के सैंपल की जांच की, जिसमें 103 दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतरीं। इस जांच में मुख्यतः हिमाचल प्रदेश में बनी 36 दवाओं का भी समावेश किया गया। ये दवाएं मरीजों के लिए किसी न किसी रूप में खतरा बन सकती हैं अगर इन्हें बाजार में वितरित किया जाता है।
दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल
दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा का विषय हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि इस प्रकार के मामलों से न केवल मरीजों की सेहत पर असर पडता है, बल्कि यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी असर डाल सकता है। CDSCO की यह जांच आवश्यक है ताकि हम यह सुनिश्चित कर सकें कि जो दवाएं बाजार में उपलब्ध हैं, वे पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी हैं।
जांच के परिणाम
जांच के दौरान कई दवाएं विभिन्न मानकों पर पूरी नहीं उतरीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण प्रक्रिया में कुछ खामियां हो सकती हैं। यहाँ तक कि कुछ दवाओं में सही सक्रिय तत्व भी नहीं पाए गए। जिससे यह स्थिति भयावह हो जाती है। हिमाचल में बनी दवाओं के साथ-साथ भारत के अन्य राज्यों में भी ऐसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
रक्षा और आगे की कार्यवाही
CDSCO ने प्रभावित दवा निर्माताओं को तुरंत नोटिस जारी किया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए भी संकेत दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी खामी खत्म की जाए, सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
Conclusion
दवाओं की गुणवत्ता से होना चाहिए सावधान, क्योंकि यह न केवल जीवन को प्रभावित करती हैं, बल्कि स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डालती हैं। सही जानकारी और सतर्कता के साथ ही हम इन समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। सीडीएससीओ द्वारा की जा रही यह जांच उन आम नागरिकों के लिए एक राहत की बात है जो बेहतर स्वास्थ्य की खोज में हैं।
अधिक अपडेट के लिए, कृपया indiatwoday.com पर जाएं। Keywords: हिमाचल प्रदेश दवाएं, CDSCO जांच रिपोर्ट, दवाओं की गुणवत्ता समस्या, 103 दवाओं के सैंपल फेल, दवा मानक, स्वास्थ्य मंत्री दवा सुरक्षा, दवा निर्माताओं नोटिस, दवाओं की गुणवत्ता नियंत्रण, दवा समस्याएं भारत, दवाओं की जांच प्रक्रिया.
What's Your Reaction?






