देहरादून: 100 परिवारों को घर खाली करने का आदेश, मेयर के पास पहुंचे लोग मदद के लिए
देहरादून में 100 परिवारों को घर खाली करने का फरमान जारी किया गया है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के एक नोटिस से 100 परिवारों की नींद उड़ी हुई है। एमडीडीए के इस नोटिस के बाद अब लोग मेयर के पास गुहार लगाने के लिए पहुंचे हैं। देहरादून में 100 परिवारों को घर छोड़ने का फरमान […] The post देहरादून में 100 परिवारों को घर खाली करने का फरमान जारी, लोगों ने मेयर से लगाई गुहार first appeared on Vision 2020 News.
देहरादून: 100 परिवारों को घर खाली करने का आदेश, मेयर के पास पहुंचे लोग मदद के लिए
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में 100 परिवारों को घर खाली करने का फरमान जारी किया गया है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के नोटिस के बाद परिवारों में हड़कंप मच गया है। लोग मेयर से सहायता की गुहार लगा रहे हैं।
देहरादून में 100 परिवारों को घर छोड़ने का फरमान
हाल ही में, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने देहरादून के काठ बंगला बस्ती में रहने वाले लगभग 100 परिवारों को घर खाली करने का नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि इन परिवारों को 15 दिनों के भीतर अपने घरों को खाली करना होगा। नोटिस में यह भी बताया गया है कि प्रभावित परिवारों को काठ बंगला में उपलब्ध ईडब्लूएस आवासीय फ्लैट में पुनर्वास नीति के तहत स्थानांतरित किया जाएगा।
लोगों ने मेयर से लगाई मदद की गुहार
इस आदेश के बाद काठ बंगला बस्ती के निवासी बेहद चिंतित हैं। उन्होंने बुधवार को देहरादून नगर निगम के कार्यालय जाकर मेयर सौरभ थपलियाल से मदद की अपील की। मेयर ने आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर एमडीडीए के अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे ताकि किसी भी संभावित संकट को टाला जा सके। यह कार्रवाई मैदानी क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों के दिशानिर्देशों के अनुरूप की जा रही है।
स्थानीय लोगों की चिंताएं और आगामी कदम
काठ बंगला बस्ती के निवासियों ने इस नोटिस को कई कारणों से गैर-वाजिब बताया है। उनका कहना है कि उन्हें उचित सूचना नहीं दी गई और पुनर्वास नीति में पारदर्शिता की कमी है। स्थानीय निवासियों का एक संघ भी बन चुका है, जो इस मामले में कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण स्थानीय संस्कृति और समुदाय की पहचान संकट में है।
वहीं, एमडीडीए के अधिकारी इसे एक आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि अवैध निर्माणों को हटाना जरूरी है ताकि शहर की दिशा सही रूप से तय की जा सके और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा सके।
यही नहीं, इस प्रक्रिया में रहन-सहन प्रभावित न हो, इसके लिए मेयर ने आश्वासन दिया कि वे स्थानीय प्रतिनिधियों और अधिकारियों से मिलकर एक समाधान खोजेंगे। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि शहर के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।
अंत में, स्थानीय लोग इस मामले में जन जागरूकता बढ़ाने और उचित दल से मार्गदर्शन पाने के लिए विभिन्न मंचों का सहारा ले सकते हैं। इस विषय पर सटीक और तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त करना बेहद जरुरी है।
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सादर, टीम इंडिया ट्वोडे, राधिका शर्मा
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