मुख्यमंत्री धामी ने लॉन्च किया ShineAvi लर्निंग सेलेबस, ऑटिस्टिक बच्चों के लिए विशेष किताबें
रैबार डेस्क: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑटिस्टिक बच्चों को सिखाने के लिए खास किताबों... The post CM धामी ने किया ShineAvi लर्निंग सेलेबस , ऑटिस्टिक बच्चों को सिखाएंगी खास किताबें appeared first on Uttarakhand Raibar.
मुख्यमंत्री धामी ने लॉन्च किया ShineAvi लर्निंग सेलेबस, ऑटिस्टिक बच्चों के लिए विशेष किताबें
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑटिस्टिक बच्चों को सिखाने के लिए विशेष पाठ्यक्रम "ShineAvi लर्निंग सेलेबस" का शुभारंभ किया है, जो विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए तैयार की गई किताबों को शामिल करता है।
रैबार डेस्क से मिली जानकारी के अनुसार, यह विशेष पाठ्यक्रम विज़ुअल आधारित है और इसे अनीता शर्मा द्वारा डिज़ाइन किया गया है। मुख्यमंत्री धामी ने इस पहल को बधाई देते हुए कहा कि यह शिक्षा को सरल, प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार ने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता के रूप में स्थापित किया है, जो बच्चों को पढ़ाने के साथ उन्हें समझने, सोचने और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने के योग्य बनाने पर केंद्रित है।
शाइन अवी लर्निंग सेलेबस का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 5,800 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे विभिन्न विद्यालयों में पंजीकृत हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित 11 विशेष विद्यालयों के माध्यम से 1,300 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षण और पुनर्वास सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक एवं माध्यमिक स्तर पर 300 से अधिक विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की गई है और शेष रिक्त पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है।
शिक्षा के क्षेत्र में समावेशिता
पुष्कर सिंह धामी ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य है। सभी बच्चों को अपनी पूर्ण क्षमता के साथ आगे बढ़ने और नए भारत के निर्माण में योगदान देने का अवसर प्रदान करना आवश्यक है। उनकी शिक्षा केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए होनी चाहिए।
अनीता शर्मा और उनकी टीम के प्रयास
मुख्यमंत्री ने शिक्षाविद अनीता शर्मा और ShineAvi लर्निंग की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अनीता ने विदेश में रिवर्स पलायन किया है और उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किया है। इस कदम को अन्य प्रवासियों के लिए एक उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है, जिन्होंने अपने गांव वापस लौटने की इच्छा जताई है।
भविष्य की संभावनाएँ
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ अपनी सभ्यता को आगे बढ़ाना चाहिए। उनका यह बयान शिक्षा के क्षेत्र में सतत सुधार की दिशा में एक मजबूत संकल्प को दर्शाता है।
सरकार की यह पहल ऑटिस्टिक बच्चों को सशक्त बनाने के लिए एक नई दिशा की ओर इशारा करती है और यह सुनिश्चित करती है कि वे भी समाज में समाहित हो सकें, जिससे सभी बच्चों को समान अवसर प्राप्त हो।
इसके अलावा, इस विशेष पाठ्यक्रम का लाभ उठाने के लिए माता-पिता और शिक्षकों को विशेष रूप से इस बात की जानकारी रखनी होगी कि कैसे उनकी भागीदारी इस पहल को सफल बना सकती है।
For more updates, visit India Twoday.
सादर,
टीम इंडिया टुडे - सुष्मिता शर्मा
What's Your Reaction?