राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मंत्री के बेटे की शादी विवाद, वन विभाग ने दर्ज किया केस

रैबार डेस्क: हरिद्वार स्थित राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में बसे सुरेश्वरी देवी मंदिर... The post राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मंत्री के बेटे की शादी पर विवाद, हरकत में आया विभाग, केस दर्ज appeared first on Uttarakhand Raibar.

Apr 26, 2026 - 18:27
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राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मंत्री के बेटे की शादी विवाद, वन विभाग ने दर्ज किया केस
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राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मंत्री के बेटे की शादी विवाद, वन विभाग ने दर्ज किया केस

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कम शब्दों में कहें तो, हरिद्वार के राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मंत्री खजान दास के बेटे की शादी को लेकर उत्पन्न विवाद ने वन विभाग को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। इस समारोह में अवैध रूप से भारी साज-सज्जा की गई थी, जिसके चलते अब केस भी दर्ज किया गया है।

शादी समारोह पर लगा प्रतिबंध

रैबार डेस्क: हरिद्वार स्थित राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में सुरेश्वरी देवी मंदिर में प्रस्तावित मंत्री के बेटे की हाई-प्रोफाइल शादी समारोह को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस शादी का समारोह रविवार, 26 अप्रैल को निर्धारित किया गया था। इसके लिए भारी भरकम शामियाने और अन्य सजावट का सामान भारी वाहनों के माध्यम से भेजा गया था। जैसे ही यह मामला तूल पकड़ा, वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और समारोह के संग भारी साज-सज्जा को रद्द कर दिया। अब समारोह केवल सादे तरीके से करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, बिना अनुमति स्थल का उपयोग करने पर सुरेश्वरी देवी मंदिर समिति पर भी मामला दर्ज किया गया है।

संवेदनशील क्षेत्र में हो रही थी तैयारियां

सुरेश्वरी देवी मंदिर का क्षेत्र राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में स्थित है, जहां वन्यजीवों की आवाजाही सामान्य है। इसे एक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। लेकिन समारोह की तैयारियों के बीच, शनिवार को मंदिर परिसर में भारी गतिविधियाँ देखने को मिलीं। ट्रकों के माध्यम से टेंट, कुर्सियां और अन्य सामग्रियां अचानक पहुंचाई जा रही थीं, जो कि पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय बन गया। सवाल उठने लगे कि इस संवेदनशील वन क्षेत्र में इस तरह के बड़े आयोजनों की अनुमति किसने दी?

वन विभाग की कार्रवाई

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पार्क प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार सभी प्रतिभागियों का प्रवेश नियंत्रित किया जाता है। लोगों को पर्ची के आधार पर ही प्रवेश दिया जाता है। इसके बावजूद, भारी वाहनों के जरिए सामग्री भेजी जा रही थी और इसके लिए किसी तरह की रोकथाम नहीं की गई। जब मामला बढ़ा, तो तुरंत पार्क का गेट बंद कर दिया गया और अवैध संसाधनों को हटवा दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि संरक्षित क्षेत्रों में इस तरह के आयोजनों की अनुमति नहीं दी जाती और केवल पारंपरिक पूजा के लिए सीमित संख्या में आयोजनों की अनुमति है।

मंदिर समिति के खिलाफ जांच

वन विभाग ने उल्लंघन के आरोप में मंदिर समिति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। इस मामले में यह भी जांच की जा रही है कि इतना साज-सज्जा आरक्षित क्षेत्र के भीतर कैसे पहुंची और इस पर जिम्मेदारी किसकी है। पीसीसीएफ (हॉफ), रंजन मिश्र ने कहा कि यह क्षेत्र पूरी तरह से सुरक्षा मानकों के अंतर्गत आता है और यहां किसी भी प्रकार का आयोजन प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि दोषियों को सजा दी जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि सरकारी नियमों की अनदेखी और व्यक्तिगत स्वार्थ अक्सर पर्यावरण और संसाधनों पर भारी पड़ते हैं। वन विभाग की इस कार्रवाई ने न्याय और संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाया है।

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— टीम इंडिया टुडे, सिता शर्मा

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