लेह-लद्दाख के विद्यार्थियों का राज्यपाल गुरमीत सिंह से प्रेरणादायक संवाद, तिरंगा है हमारा एकता का प्रतीक
देहरादून: भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत राष्ट्रीय एकता यात्रा पर देहरादून पहुंचे लेह-लद्दाख के विद्यार्थियों ने शनिवार को लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने बच्चों से संवाद किया और उन्हें जीवन में बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया।यह विशेष भ्रमण […] The post लेह-लद्दाख के विद्यार्थियों ने की राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह से मुलाकात, कहा- “तिरंगा हम सभी को जोड़ता है” first appeared on Vision 2020 News.
लेह-लद्दाख के विद्यार्थियों का राज्यपाल गुरमीत सिंह से प्रेरणादायक संवाद, तिरंगा है हमारा एकता का प्रतीक
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कम शब्दों में कहें तो, भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के अंतर्गत लेह-लद्दाख के विद्यार्थियों ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह से मुलाकात की और राष्ट्रीय एकता के महत्व पर चर्चा की। इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी।
देहरादून में शनिवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान, लेह-लद्दाख से आए विद्यार्थियों ने लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक का आयोजन भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत किया गया था, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की विभिन्न संस्कृतियों और विविधताओं के प्रति जागरूक करना है।
विविधता में एकता की ताकत: राज्यपाल का संदेश
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, "यह राष्ट्रीय एकता भ्रमण केवल दर्शनीय स्थलों की यात्रा नहीं है बल्कि भारत को समझने और उससे जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। लद्दाख, उत्तराखंड और अन्य क्षेत्रों की भाषाई व सांस्कृतिक विविधता हमें एकता के पंख देती है। हमारा तिरंगा और देश के प्रति गर्व का भाव हमें एक सूत्र में पिरोता है।"
उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे यहां के स्थानीय लोगों की संस्कृति को समझें और लेह लौट कर अपने अनुभव साझा करें। राज्यपाल ने उल्लेख किया कि "विविधता में ही हमारी असली ताकत है।"
दृढ़ता और सपनों की सीख
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि जीवन में कठिन परिस्थितियों से निपटने के लिए दृढ़ता आवश्यक है। उन्होंने कहा, "कठिन परिस्थितियों में लद्दाख के पर्वतों से दृढ़ता सीखो। असफलता को कभी अंत नहीं समझो, बल्कि यह एक नया अवसर है।" उन्होंने आशा जताई कि यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए नई सीख और अनुभव का स्रोत बनेगी और वे 'राष्ट्रीय एकता के दूत' बनकर लौटेंगी।
शैक्षिक और सांस्कृतिक भ्रमण
लेह-लद्दाख के ये विद्यार्थी अब देहरादून में विभिन्न शैक्षिक स्थलों का दौरा कर रहे हैं, जिसमें वन अनुसंधान संस्थान (FRI) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) शामिल हैं। ये सुंदर व ऐतिहासिक स्थल विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और इतिहास की गहराई समझने में मदद करेंगे।
इस दौरान, लेफ्टिनेंट कर्नल अनिल कुमार सहित सभी छात्र और उनके शिक्षक उपस्थित थे, जो इस राष्ट्रीय एकता यात्रा का हिस्सा हैं। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए देश की सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विविधताओं को जानने का अनुपम अवसर है।
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साक्षात्कार के अंत में, ये विद्यार्थी सीखने की नई संभावनाओं को लेकर प्रेरित और उत्साहित दिखे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हमारी युवा पीढ़ी राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में उभर रही है।
— टीम इंडिया टुडे, सिमरन कौर
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