शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आश्वासन - डॉ. धन सिंह रावत

एमबीबीएस छात्र रैगिंग प्रकरण दुर्भाग्यपूर्ण : डॉ. धन सिंह रावत दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या को दिए जांच के आदेश कहा, शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ उठाए जाएंगे कड़े कदम देहरादून: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र के साथ हुए रैगिंग प्रकरण पर विभाग ने सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। इस संबंध […] The post शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ उठाए जाएंगे कड़े कदम- डॉ. धन सिंह रावत first appeared on Vision 2020 News.

Jan 18, 2026 - 18:27
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शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आश्वासन - डॉ. धन सिंह रावत
एमबीबीएस छात्र रैगिंग प्रकरण दुर्भाग्यपूर्ण : डॉ. धन सिंह रावत दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या को

शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आश्वासन - डॉ. धन सिंह रावत

कम शब्दों में कहें तो, दून मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र के रैगिंग प्रकरण पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को घटना की गहन जांच करने और रैगिंग के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday

देहरादून: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में हाल ही में एक एमबीबीएस छात्र के साथ हुई रैगिंग की घटना ने शिक्षा संस्थानों में व्यवस्था और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को लेकर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कॉलेज की प्राचार्या को दी गई जांच के आदेश में सभी तथ्यों की विस्तृत जांच और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

डॉ. रावत ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कॉलेज प्रशासन को तुरंत प्रभाव से जांच का आदेश दिया। उन्होंने प्राचार्या से कहा कि जांच के दौरान सभी परिस्थितियों और आरोपों की गहनता से जांच की जाए। इसके अलावा, अन्य छात्रों और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की भी आवश्यकता पड़ सकती है, ताकि सही तथ्य सामने आ सकें और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।

डॉ. रावत ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रैगिंग के मामले केवल शैक्षणिक संस्थानों की गंभीरता को ही नहीं, बल्कि छात्रों की सुरक्षा और Welfare को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को सलाह दी कि रैगिंग की रोकथाम के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि इसके अनुरूप एंटी-रैगिंग कमेटी का गठन किया गया है और मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है। पीड़ित छात्र की शिकायत के आधार पर जांच प्रक्रिया शुरू हुई है और आरोपी छात्रों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। आशा व्यक्त की गई है कि जांच रिपोर्ट शीघ्र ही प्रस्तुत की जाएगी।

बिना संदेह, रैगिंग जैसी घटनाएं न सिर्फ शिक्षा के माहौल को प्रभावित करती हैं, बल्कि छात्रों के मनोबल को भी तोड़ती हैं। ऐसे में, यह अनिवार्य है कि हर शैक्षणिक संस्थान में एक स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण बनाए रखा जाए।

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स्रोत: टीम इंडिया टुडे, लेखिका: सुमिता शर्मा

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