सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने दर्ज कराई शिकायत, कहा गैंग कर रहा है दुष्प्रचार
रैबार डेस्क: सूचना महानिदेशक उत्तराखंड बंशीधर तिवारी ने उनके खिलाफ सोशल मीडिया में हो रहे... The post सूचना महानिदेशक के खिलाफ दुष्प्रचार, IAS बंशीधर तिवारी ने दर्ज कराई शिकायत, कहा मुझे टारगेट कर रहा है गैंग appeared first on Uttarakhand Raibar.
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने दर्ज कराई शिकायत, कहा गैंग कर रहा है दुष्प्रचार
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
कम शब्दों में कहें तो, सूचना महानिदेशक उत्तराखंड, बंशीधर तिवारी ने उनके खिलाफ चल रहे सोशल मीडिया दुष्प्रचार के मामले में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि एक संगठित गैंग उनकी छवि को धूमिल करने के लिए प्रयासरत है। इस मामले में एसएसपी देहरादून को शिकायत की गई है, जिसमें कई पुख्ता डिजिटल सबूत भी शामिल हैं।
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि हाल के समय में कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स और ग्रुप्स के माध्यम से उनके खिलाफ अनर्गल और भ्रामक आरोप लगाए जा रहे हैं। इससे न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि उनके विभाग की छवि भी प्रभावित हो रही है। तिवारी ने कहा, "यह दुष्प्रचार पूर्व नियोजित तरीके से किया जा रहा है, ताकि प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाया जा सके।"
स्वर्णिम कार्यकाल के खिलाफ उठे प्रश्न
तिवारी ने यह आरोप लगाया है कि इस दुष्प्रचार का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को कमजोर करना है। उनका कहना है कि यह सब किसी असंतुष्ट समूह या गैंग की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने विशेष रूप से कहा, "सोशल मीडिया पर बिन प्रमाण के आरोप लगाना और अफवाहें फैलाना मेरे मानसिक शांति और सम्मान के खिलाफ है।" इससे साफ जाहिर है कि प्रशासन के भीतर भी कुछ लोग ऐसे हैं जो उनकी कार्यशैली से असंतुष्ट हैं।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
बंशीधर तिवारी ने अपनी शिकायत में पुलिस से आग्रह किया है कि इन सोशल मीडिया खातों और उनके संचालकों की पहचान की जाए और कठोर कार्रवाई की जाए। उनके अनुसार, यह व्यवहार न केवल आईटी एक्ट बल्कि मानहानि कानूनों का भी उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्रवाइयों से सरकारी सेवाओं में अनुशासन और पारदर्शिता को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि उत्तरकाशी के पत्रकार राजीव प्रताप सिंह की संदिग्ध मौत के बाद कुछ लोग तिवारी के खिलाफ अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। इस प्रकार के आरोपों में उन्हें 'हत्यारा' तक कहा जा रहा है। तिवारी ने अपनी शिकायत में कई स्क्रीनशॉट्स, सोशल मीडिया पोस्ट्स और व्हाट्सएप ग्रुप चैट्स के अंश सबूत के तौर पर प्रस्तुत किए हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
एसएसपी कार्यालय ने तिवारी की शिकायत प्राप्त करने की पुष्टि की है और मामले को साइबर क्राइम सेल को सौंप दिया गया है। पुलिस इस मामले में तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये भ्रामक पोस्ट कहां से और किन उपकरणों से किए गए। प्रारंभिक जांच के बाद, संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आईटी अधिनियम की धाराएं 66A, 67 और भारतीय दंड संहिता की मानहानि संबंधी धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
भविष्य के लिए अपेक्षाएँ
इस मामले पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। तिवारी ने कहा कि वह इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे। ऐसा प्रतीत होता है कि इस दुष्प्रचार के पीछे एक सोची-समझी साजिश है, जिसका उद्देश्य राज्य में प्रशासन के बीच अस्थिरता फैलाना है। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।
अंत में, यह मामला न केवल बंशीधर तिवारी की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का है, बल्कि यह उत्तराखंड की प्रशासनिक प्रणाली की सुशासन के लिए भी महत्वपूर्ण है। यदि इस तरह के दुष्प्रचार पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह प्रणाली में और अधिक अस्थिरता ला सकता है।
इस मामले पर अधिक अपडेट के लिए, कृपया हमारे वेबसाइट https://indiatwoday.com पर जाएँ।
सादर, टीम इंडिया टुडे - साक्षी शर्मा
What's Your Reaction?