चिन्यालीसौड़ कॉलेज की रोवर-रेंजर्स इकाई रामनगर में 15वें प्रादेशिक समागम के लिए रवाना
चिन्यालीसौड़ : राजकीय महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ की रोवर-रेंजर्स इकाई ने आज सुबह 15वें प्रादेशिक रोवर-रेंजर्स समागम-2025 में हिस्सा लेने के लिए पी.एन.जी. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर के लिए प्रस्थान किया। रोवर लीडर डॉ. यशवंत सिंह पंवार और रेंजर्स लीडर डॉ. आराधना राठौड़ के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं का दल कॉलेज परिसर से रोवर-रेंजर्स के बैनर तले हर्षोल्लास …
चिन्यालीसौड़ कॉलेज की रोवर-रेंजर्स इकाई रामनगर में 15वें प्रादेशिक समागम के लिए रवाना
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कम शब्दों में कहें तो, चिन्यालीसौड़ के राजकीय महाविद्यालय की रोवर-रेंजर्स इकाई ने आज सुबह रामनगर के लिए प्रस्थान किया। यहाँ वे 15वें प्रादेशिक रोवर-रेंजर्स समागम में भाग लेंगे।
राजकीय महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ की रोवर-रेंजर्स इकाई ने अपने सफर की शुरुआत बहुत ही उत्साह के साथ की। रोवर लीडर डॉ. यशवंत सिंह पंवार और रेंजर्स लीडर डॉ. आराधना राठौड़ के नेतृत्व में, छात्र-छात्राओं का एक समूह, रोवर-रेंजर्स के बैनर के तहत सुबह सवेरे रवाना हुआ। इस अवसर पर सभी ने अपनी एकजुटता और उत्साह का प्रदर्शन किया।
डॉ. यशवंत सिंह पंवार ने अपने भाषण में कहा, “यह समागम केवल देशसेवा के गुर सिखाने का मंच नहीं है, बल्कि यह सामुदायिक जीवन, सह-अस्तित्व और विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक धरोहरों को समझाने का एक अनमोल अवसर है।” उनके इस वक्तव्य ने उपस्थित छात्र-छात्राओं में एक नई ऊर्जा का संचार किया।
महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य, डॉ. भूपेश चंद्र पंत ने इस अवसर पर इकाई के सभी सदस्यों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “रोवर-रेंजर्स कार्यक्रम युवाओं में नेतृत्व कौशल, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना सिखाता है।”
विदाई समारोह में शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिसमें कार्यालय सहायक श्री स्वर्ण सिंह गुलेरिया का विशेष योगदान रहा। सभी ने मिलकर अपनी शुभकामनाएँ प्रकट कीं। समूह आज शाम रामनगर पहुंच जाएगा तथा यहाँ छह दिवसीय समागम में भाग लेगा।
इस आयोजन का महत्व उस दृष्टिकोण से भी है कि यह युवा पीढ़ी को एक साथ लाने का एक अद्वितीय प्रयास है। इस प्रकार के समागम न केवल नेतृत्व कौशल का विकास करते हैं, बल्कि युवाओं में आपसी सहयोग और सामूहिकता की भावना को भी बढ़ाते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्रों ने यात्रा की तैयारी और अपनी उत्सुकता को लेकर विचार शेयर किए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस समागम से वे नई चीजें सीखेंगे और अनुभवों को साझा करेंगे।
इन शिक्षाओं के माध्यम से छात्र-छात्राएं न केवल व्यक्तिगत विकास कर रहे हैं, बल्कि समाज में भी अपने योगदान को महसूस कर रहे हैं। ऐसे आयोजनों का हिस्सा बनना उनके भविष्य के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा।
समागम के बाद, प्रतिभागियों को उनके अनुभवों का समुदाय में प्रसार करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इससे वे दूसरों के लिए एक उदाहरण बन सकेंगें।
इस प्रकार, चिन्यालीसौड़ कॉलेज की रोवर-रेंजर्स इकाई का यह कदम न केवल मान संगठन के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।
आगे आने वाले समय में ऐसे और कार्यक्रमों की आवश्यकता होगी, जो युवा प्रतिभाओं को संजीवनी प्रदान करें।
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Team India Twoday - प्रिया शर्मा
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