मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नशामुक्त उत्तराखंड का अभियान, एएनटीएफ ने नशा तस्करों का नेटवर्क तोड़ा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वस्थ, समृद्ध और नशे से मुक्त उत्तराखण्ड के निर्माण की मुहिम अब जन आंदोलन बन चुकी है। एएनटीएफ उत्तराखण्ड सहित विभिन्न राज्यों तक फैले नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में सफल रही है, वहीं विशेष जागरूकता अभियानों और कार्यक्रमों से इस मुहिम में जनता की अधिकाधिक भागीदारी […]
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नशामुक्त उत्तराखंड का अभियान, एएनटीएफ ने नशा तस्करों का नेटवर्क तोड़ा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य, समृद्धि और नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण की मुहिम अब एक जन आंदोलन का रूप धारण कर चुकी है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने विभिन्न राज्यों में फैले नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इसके साथ ही, विशेष जागरूकता अभियानों और कार्यक्रमों के माध्यम से इस मुहिम में जनता की अधिकतम भागीदारी को सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष आह्वान पर स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है।
कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नशामुक्ति की मुहिम से उत्तराखंड में उत्तम परिणाम नजर आ रहे हैं। एएनटीएफ ने नशा तस्करी के खिलाफ ठोस कदम उठाए हैं जिससे परिणाम मिल रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
मुख्यमंत्री का संकल्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का संकल्प लिया है। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, धामी सरकार अभियान के तहत "ड्रग फ्री उत्तराखंड" के तहत एक विशेष अभियान चला रही है। एएनटीएफ का गठन वर्ष 2022 में किया गया था, और इसने हजारों नशा तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों को बरामद करने में सफलता प्राप्त की है।
एएनटीएफ की कार्रवाई
एएनटीएफ नशा तस्करों की धरपकड़ में लगातार सक्रिय है। इसके अंतर्गत नशा तस्करों की सटीक सूचना देने वाले आम नागरिकों को पुरस्कृत करने के लिए एक योजना भी बनाई गई है। इस योजना के तहत ₹20,000 से लेकर ₹2,40,000 तक का इनाम निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए रैलियों, नुक्कड़ नाटकों, और गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है।
छात्रों की नियमित निगरानी
छात्रों की नियमित ट्रैकिंग के तंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है। शिक्षण संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि छात्र अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोई भी जानकारी छुपाएं नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों या टोल फ्री नंबर 1933 पर सूचित करें।
अवैध नशा व्यापार पर कार्रवाई
एएनटीएफ की लगातार मेहनत से देहरादून के सेलाकुई, हरिद्वार के भगवानपुर, रुड़की, पौड़ी के कोटद्वार और पिथौरागढ़ में अवैध नशा प्रयोग की फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया गया है। हाल ही में एक नकली दवा के गिरोह का मुख्य सरगना बिजनौर के चाँदपुर से गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद इनकी कई फैक्ट्रियाँ पकड़ी गईं। हल्द्वानी में हाल ही में एक मेडिकल स्टोर से नशीले इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाइयाँ बरामद की गईं थीं।
ड्रग फ्री उत्तराखंड अभियान का पूरा खाका
- नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 को व्यापक प्रचारित किया जा रहा है।
- पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण और अन्य संबंधित विभाग मिलकर ड्रग फ्री उत्तराखंड के एक्शन प्लान पर काम कर रहे हैं।
- बाहरी राज्यों से ड्रग्स की सप्लाई रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी सुनिश्चित की गई है।
- स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम लगातार जारी हैं।
- पुनर्वास और नशा मुक्ति केंद्रों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है।
- एएनटीएफ को और अधिक मजबूत किया गया है।
- युवाओं को नशा छुड़वाने के लिए क्लब द्वारा जागरूक करने की स्थायी योजना बनाई गई है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "नशा मुक्त भारत अभियान" से प्रेरणा लेते हुए, उत्तराखंड की सरकार इस दिशा में दृढ़ता से काम कर रही है। एएनटीएफ अपना कार्य कर रही है, और सरकार अपनी ओर से नशे के आदी युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए पुनर्वास केंद्र स्थापित कर रही है। नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने के लिए निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
- नैना शर्मा
टीम इंडिया टुडेज
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