उत्तराखंड: पूर्व सैनिकों की मांगों को लेकर 11 मार्च को जंतर-मंतर पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन

देहरादून: देश भर के हजारों पूर्व सैनिक 11 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ चार प्रमुख मांगों को लेकर एक बड़े धरना-प्रदर्शन में भाग लेंगे। यह प्रदर्शन संसद सत्र के दौरान आयोजित किया जा रहा है, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कई सांसद शामिल होने वाले …

Mar 7, 2026 - 09:27
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उत्तराखंड: पूर्व सैनिकों की मांगों को लेकर 11 मार्च को जंतर-मंतर पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन
देहरादून: देश भर के हजारों पूर्व सैनिक 11 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ चार

उत्तराखंड: पूर्व सैनिकों की मांगों को लेकर 11 मार्च को जंतर-मंतर पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन

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कम शब्दों में कहें तो, देश भर के पूर्व सैनिक 11 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर चार प्रमुख मांगों के लिए संघर्ष करेंगे।

देहरादून: उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न भागों से हजारों पूर्व सैनिक 11 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ चार महत्वपूर्ण मांगों को लेकर एक विशाल धरना-प्रदर्शन में भाग लेने के लिए एकत्रित होंगे। यह कार्यक्रम संसद सत्र के दौरान आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कांग्रेस के नेता राहुल गांधी एवं अन्य सांसदों की सहभागिता भी होगी।

प्रदर्शन का उद्देश्य और मांगें

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन सिंह नेगी ने बताया कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य पूर्व सैनिकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना है।

चार सूत्री मांगों का विवरण

कर्नल नेगी ने पूर्व सैनिकों की चार सूत्री मांगें इस प्रकार बताई:

  • दिव्यांगता पेंशन पर टैक्स को वापस लिया जाए: सेवा के दौरान अपंगता प्राप्त करने वाले पूर्व सैनिकों की पेंशन को पहले टैक्स-फ्री रखा गया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे आयकर के दायरे में लाकर टैक्स लगा दिया है। यह पूर्व सैनिकों के लिए अन्याय है।
  • ईसीएचएस की समस्याओं का समाधान: पूर्व सैनिकों के उपचार के लिए ईसीएचएस योजना के तहत अस्पतालों को समय पर भुगतान न होने के कारण कई अस्पताल इलाज करने से मना कर रहे हैं। इससे पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य उपचार में गंभीर बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
  • सैनिकों के सम्मान की रक्षा: पूर्व सैनिकों के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
  • अग्निपथ योजना को समाप्त कर पुरानी भर्ती प्रणाली की बहाली: अग्निपथ योजना के कारण सेना में भर्ती का उत्साह कम हुआ है, जिससे देश को योग्य सैनिकों की कमी हो रही है और युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा अवसर खत्म हो गया है।

उत्तराखंड से सैकड़ों पूर्व सैनिक शामिल होंगे

उत्तराखंड से सैकड़ों पूर्व सैनिक इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने बताया कि पिछले छह महीनों में कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने अग्निपथ योजना और अन्य मुद्दों पर तीन चरणों में जन जागरण यात्रा आयोजित की थी, जिससे बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक कांग्रेस से जुड़े हैं।

धस्माना ने यह भी कहा, "जैसे ही केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी, हम अग्निपथ योजना को तत्काल समाप्त करके सेना में भर्ती की पुरानी व्यवस्था को पुनर्स्थापित करेंगे। इससे न केवल सेना की क्षमता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उत्तराखंड जैसे राज्यों के युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।"

एकता का संदेश

पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के महामंत्री गोपाल गड़िया, प्रदेश श्रम विभाग के अध्यक्ष दिनेश कौशल एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। कर्नल नेगी ने उत्त्तराखंड के लगभग डेढ़ लाख पूर्व सैनिकों से अपील की कि वे 11 मार्च को अधिक से अधिक संख्या में जंतर-मंटर पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाएं और अपने अधिकारों व सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट हों।

यह प्रदर्शन न केवल पूर्व सैनिकों की समस्याओं को उजागर करेगा, बल्कि एक नई राजनीतिक दिशा को भी प्रभावित कर सकता है। इसे लेकर विभिन्न राजनीतिक हलकों में चर्चा का माहौल गरमाया हुआ है।

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टीम इंडिया ट्वोडे (स्नेहा शर्मा)

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