चंबा में प्रदेश प्रवक्ता समेत कई नेताओं ने छोड़ी AAP:हाईकमान पर नजरअंदाज का आरोप, संगठन की निष्क्रियता पर चर्चा
हिमाचल प्रदेश में आम आदमी पार्टी को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा है। प्रदेश प्रवक्ता मनीष सरीन समेत राज्य कार्यकारिणी के कई सदस्यों ने चंबा में सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में पूर्व डलहौजी प्रत्याशी मनीष सरीन, एसटी विंग के पूर्व अध्यक्ष राजेश चोबियाल, डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के संगठन मंत्री इच्छा राम, युवा बैंक डलहौजी के अध्यक्ष विश्वजीत मल्होत्रा शामिल हैं। प्रदेश युवा बैंक सचिव का भी इस्तीफा साथ ही मंडी विधानसभा क्षेत्र के पर्यवेक्षक योगराज महाजन, कांगड़ा चंबा के उपाध्यक्ष नरेंद्र हांडा और प्रदेश युवा बैंक के सचिव ने भी इस्तीफा दिया है। प्रदेश प्रवक्ता मनीष सरीन ने इस्तीफे की वजह प्रदेश अध्यक्ष और सचिव की अक्षमता को बताया है। उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव और दिल्ली चुनाव में हार के बाद वे लगातार पार्टी आलाकमान से संपर्क कर रहे थे। प्रदेश संगठन की निष्क्रियता पर चर्चा करना चाहते थे। पत्राचार और फोन पर संपर्क का प्रयास सरीन ने बताया कि राष्ट्रीय कन्वीनर से पत्राचार और फोन पर संपर्क का प्रयास किया, लेकिन न तो उनकी बात सुनी गई और न ही पत्रों का कोई जवाब मिला। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान हिमाचल को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। ऐसा लगता है कि दिल्ली में पार्टी को अब हिमाचल में उनकी जरूरत नहीं है।

चंबा में प्रदेश प्रवक्ता समेत कई नेताओं ने छोड़ी AAP: हाईकमान पर नजरअंदाज का आरोप, संगठन की निष्क्रियता पर चर्चा
चंबा से एक वार्ता के दौरान, आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश प्रवक्ता सहित कई प्रमुख नेताओं ने पार्टी का दामन छोड़ने का निर्णय लिया है। नेताओं ने खुलासा किया कि उन्हें पार्टी के उच्च कमान से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे उनके कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। यह घटनाक्रम चंबा में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की निष्क्रियता पर गंभीर चर्चा का विषय बन गया है।
AAP में आंतरिक समस्याएँ
हाल ही में हुई बैठक में, नेताओं ने AAP के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी की विकास योजनाएँ और संगठनात्मक गतिविधियाँ स्थानीय स्तर पर बिल्कुल भी प्रभावी नहीं हैं। प्रवक्ता ने कहा, "हमें हाईकमान से कोई सक्रिय सहयोग नहीं मिल रहा, जिससे राजनीतिक वातावरण में एक नकारात्मक छवि बन रही है।"
नेताओं का आरोप
नेताओं ने यह भी कहा कि जो निर्णय लिए जा रहे हैं, वे अक्सर पार्टी के基层 कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया के बिना ही होते हैं। इसके परिणामस्वरूप, कार्यकर्ताओं में असंतोष और निराशा बढ़ रही है। AAP के इस विभाजन ने स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य में हलचल पैदा कर दी है, और इससे आने वाले चुनावों में पार्टी पर असर पड़ सकता है।
संगठन की निष्क्रियता पर विचार
चंबा में इस स्थिति पर गहराई से चर्चा की गई। यह सवाल उठाया गया कि क्या AAP अपनी आगामी रणनीतियों में इन मुद्दों को सही तरीके से संबोधित कर पाएगी। स्थानीय नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि अगर पार्टी अपनी योजनाओं में सुधार नहीं लाती, तो और भी नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।
इस घटनाक्रम का जल्द से जल्द समाधान निकालने की आवश्यकता है, ताकि AAP का नाम और उसकी पहचान बनी रहे। पार्टी की उच्च कमान को चाहिए कि वे अपने कार्यकर्ताओं की सुनें और उनकी समस्याओं का समाधान करें।
समय के साथ, यह देखना होगा कि AAP इस स्थिति को कैसे संभालती है। चंबा जैसे क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं की आवाज सुनना और उनकी चिंता को महत्व देना पार्टी के लिए अनिवार्य है।
News by indiatwoday.com Keywords: चंबा AAP नेता छोड़ना, AAP हाईकमान नजरअंदाज, चंबा राजनीति, संगठन निष्क्रियता चंबा, प्रदेश प्रवक्ता AAP, AAP कार्यकर्ता समस्याएँ, पार्टी छोड़ने के कारण, चंबा में राजनीतिक घटनाक्रम, AAP के भविष्य की चुनौतियाँ, आम आदमी पार्टी चंबा मामले, स्थानीय नेताओं का आरोप
What's Your Reaction?






