बुजुर्ग की हत्या के बाद हाईवे जाम:11 नामजद और 50 अज्ञात पर मुकदमा, रेलवे ट्रैक पर दो टुकड़ों में मिला था शव
कौशाम्बी के कोखराज थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग किसान की हत्या के विरोध में स्थानीय लोगों ने प्रयागराज-चित्रकूट हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने इस मामले में 11 नामजद और 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बिसारा गांव के 65 वर्षीय किसान नरेश रैदास की गुरुवार सुबह हत्या कर दी गई थी। उनका शव चित्रकूट जनपद के कर्वी थाना क्षेत्र में बेडिया पुलिया के पास रेलवे लाइन पर दो टुकड़ों में मिला। मृतक के बेटे सूरज ने गांव के अजय दुबे पर जमीन विवाद में पैसों के लिए बुलाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। गिरफ्तारी में लगी टीम चित्रकूट में पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा, तो ग्रामीणों ने बिसारा गांव के पास हाईवे जाम कर दिया। जाम की सूचना मिलते ही सीओ सिराथू, एसडीएम सिराथू और इंस्पेक्टर कोखराज मौके पर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक चले इस जाम से 20 किलोमीटर तक यातायात प्रभावित रहा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है।

बुजुर्ग की हत्या के बाद हाईवे जाम
हाल ही में एक बुजुर्ग की हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई, जिसके बाद स्थानीय निवासियों ने विरोध के रूप में हाईवे जाम कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब पुलिस ने रेलवे ट्रैक पर बुजुर्ग का शव दो टुकड़ों में बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने 11 लोगों को नामजद किया है और 50 अन्य अज्ञात افراد के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
हत्या के पीछे का कारण
सूत्रों के अनुसार, हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला हो सकता है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित साक्ष्यों की जांच कर रही है और संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। eyewitnesses ने बताया कि हत्या के बाद इलाके के लोग अत्यंत गुस्से में थे और उन्होंने न्याय की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी।
प्रदर्शन और पुलिस की प्रतिक्रिया
प्रदर्शनकारी सड़क पर जमा हुए और उनकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा कम नहीं हुआ। इलाके में तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति को सामान्य किया जा सके।
पुलिस के प्रयास
पुलिस ने इस मामले में विशेष टीम का गठन किया है, जिसमें विशेषज्ञ पुलिसकर्मी शामिल हैं। उनका उद्देश्य न केवल मुख्य अपराधियों को पकड़ना है, बल्कि उन सभी संदिग्धों का भी पता लगाना है जो इस घटना में शामिल हो सकते हैं। 11 नामजद आरोपियों का पता लगाया जा चुका है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए जी-जान से जुटी है।
इस मामले ने न केवल स्थानीय निवासियों के बीच चिंता का विषय बना है, बल्कि यह पहले से ही अपराध दर में वृद्धि की चिंताओं को भी सामने लाता है। पुलिस प्रशासन ने निवासियों को आश्वस्त किया है कि सच्चाई का पता लगाया जाएगा और दोषियों को दंडित किया जाएगा।
अंत में, ऐसे मामलों में स्थानीय निवासियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी को कोई जानकारी है, तो वे स्थानीय पुलिस से संपर्क कर सकते हैं। मामले में नए अपडेट के लिए, आप indiatwoday.com पर और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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