चमोली में डाक विभाग की अनदेखी, पोस्टमैन के कमरे से मिलीं बोरियां! जांच शुरू

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली विकासखंड स्थित तुंगेश्वर क्षेत्र में डाक विभाग की कथित बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि क्षेत्र में तैनात एक पोस्टमैन ने वर्ष 2025 से अब तक लोगों तक पहुंचाई जाने वाली महत्वपूर्ण डाक का वितरण करने के बजाय उसे अपने निजी कमरे में तीन से चार …

Jun 29, 2026 - 18:27
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चमोली में डाक विभाग की अनदेखी, पोस्टमैन के कमरे से मिलीं बोरियां! जांच शुरू
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली विकासखंड स्थित तुंगेश्वर क्षेत्र में डाक विभाग की कथित

चमोली में डाक विभाग की अनदेखी, पोस्टमैन के कमरे से मिलीं बोरियां! जांच शुरू

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली विकासखंड स्थित तुंगेश्वर क्षेत्र में डाक विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक पोस्टमैन ने महत्वपूर्ण डाक को अपने निजी कमरे में रखकर इसे लोगों तक पहुंचाने की बजाय अनदेखा किया है। इस पर ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ गई है और दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेजी से उठ रही है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday

लापरवाही का खुलासा

चमोली। यह मामला तब उजागर हुआ जब स्थानीय निवासी विनोद पांडे को तुंगेश्वर-माल बजवाड़ मार्ग पर सड़क किनारे उनकी पुत्री का आधार कार्ड पड़ा मिला। जब उन्होंने इस संबंध में संबंधित पोस्टमैन से जानकारी मांगी, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने पोस्टमैन के कमरे की जांच की, जहां उन्हें तीन से चार बोरियों में डाक सामग्री रखी मिली। इस खुलासे ने यह साबित कर दिया कि डाक विभाग की जिम्मेदारियां किस तरह से दरकिनार की जा रही हैं।

महत्वपूर्ण दस्तावेजों की अनदेखी

ग्रामीणों का कहना है कि बरामद डाक में आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक एटीएम कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज शामिल हैं, जिन्हें कई महीनों तक वितरित नहीं किया गया। क्षेत्र में पिछले डेढ़ वर्ष से नियमित डाक वितरण न होने के कारण कई लोगों को सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं से वंचित रहना पड़ा। यह गंभीर स्थिति है जो स्थानीय निवासियों के लिए बहुत परेशानियों का कारण बनी है।

जांच की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनके अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण दस्तावेजों का लोगों तक न पहुंचना एक बड़ी लापरवाही है, और इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। यह मामला न केवल डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि सरकारी सेवाओं के प्रति नागरिकों की विश्वास को भी हानि पहुंचा रहा है।

डाक विभाग का बयान

चमोली के अधीक्षक डाकघर अजय कुमार ने मामले की गंभीरता को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि डाक को अपने निजी कमरे में रखना विभागीय नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने डाक वितरण व्यवस्था की निगरानी और कार्यप्रणाली पर पुनः सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग अब इस मामले की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं के रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि सरकारी विभागों में कार्य की निरंतरता और उचित निगरानी का कितना महत्व है। सभी संबंधित विभागों को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि ऐसी अनियमितताएं भविष्य में न हों।

जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ेगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि डाक विभाग किन कदमों को उठाता है ताकि इस प्रकार की लापरवाही को रोका जा सके। स्थानीय निवासियों की मांग है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और डाक वितरण की व्यवस्था को सही दिशा में लाने के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।

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सादर,
टीम इंडिया टूडेज - अदिति शर्मा

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