चार धाम यात्रा: तीर्थयात्रियों के लिए ई-स्वास्थ्य पोर्टल से सुरक्षित स्वास्थ्य कवच
देहरादून: उत्तराखंड में आगामी चार धाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) को सुरक्षित और स्वास्थ्य-सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि यात्रा के दौरान प्रत्येक तीर्थयात्री के स्वास्थ्य की ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल पर रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे आपात स्थिति में …
चार धाम यात्रा: तीर्थयात्रियों के लिए ई-स्वास्थ्य पोर्टल से सुरक्षित स्वास्थ्य कवच
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने नई योजना बनाई है।
देहरादून: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न व्यवस्थाओं का चुनाव किया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि यात्रा के दौरान हर तीर्थयात्री के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल की शुरुआत की जा रही है, जो रीयल-टाइम मॉनिटरिंग का कार्य करेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का खाका
डॉ. रावत ने जानकारी दी कि इस यात्रा को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। यात्रा मार्ग, मुख्य पड़ावों और चारों धामों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।
मुख्य स्वास्थ्य सुविधाएं
- एम्बुलेंस व्यवस्था: यात्रा रूट पर कुल 177 एम्बुलेंस तैनात की जाएंगी, जिनमें 108 आपातकालीन सेवा के लिए, एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस और कार्डियक एम्बुलेंस शामिल हैं। टिहरी में एक वॉटर एम्बुलेंस और एक हेली एम्बुलेंस भी उपलब्ध रहेगी, जिसका संचालन AIIMS ऋषिकेश द्वारा किया जाएगा। मेडिकल तकनीशियनों द्वारा एम्बुलेंस का न्यूनतम रिस्पांस टाइम सुनिश्चित किया जाएगा।
- मेडिकल रिलीफ पोस्ट और हेल्थ स्क्रीनिंग प्वाइंट: यात्रा मार्ग पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और 33 हेल्थ स्क्रीनिंग प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे। यहाँ स्वास्थ्य विशेषज्ञ ऊंचाई से संबंधित बीमारियों का इलाज करेंगे।
- स्टाफ तैनाती: विशेषज्ञ चिकित्सकों, मेडिकल ऑफिसरों, फार्मासिस्टों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी। इसमें 16 विशेषज्ञ चिकित्सक, 46 मेडिकल ऑफिसर और 85 पैरामेडिकल स्टाफ शामिल होंगे, जो 15 दिनों के लिए ड्यूटी पर रहेंगे। इसके साथ ही 100 स्वास्थ्य मित्र भी यात्रा मार्ग पर सहायता प्रदान करेंगे।
आपात स्थितियों का समाधान
डॉ. रावत ने यह भी बताया कि ये व्यवस्थाएं तीर्थयात्रियों को उच्च ऊंचाई से जुड़ी चुनौतियों से पार पाने में मदद करेंगी और आपात स्थिति में त्वरित मदद का भरोसा देंगी। ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य डेटा को मॉनिटर करेगा ताकि किसी भी जोखिम वाले मामले को पहले से पहचानने में सहायता मिले।
सुरक्षा की नई पहल
चार धाम यात्रा शुरुआत से ही पहाड़ों में होने वाले स्वास्थ्य संकटों को लेकर सजग रहने वाली रही है। देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिकोन से भी महत्वपूर्ण है। इस पहल के जरिए राज्य सरकार ने टेक्नोलॉजी का लाभ उठाने की कोशिश की है, ताकि तीर्थयात्रियों को एक नया सुरक्षित अनुभव दिया जा सके।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि स्वास्थ्य सेवाओं में यह सुधार त्यौहारों के मौसम में एक सकारात्मक कदम है। इससे श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त होकर अपने धार्मिक कर्तव्यों को निभाने में मदद मिलेगी।
तीर्थयात्रियों के लिए यह यात्रा एक अद्वितीय अवसर है, जिसमें उनके स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा जाएगा। ई-स्वास्थ्य धाम पोर्टल इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी मदद से स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार संभव है।
सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं!
टीम इंडिया ट्वोडे, साक्षी शर्मा
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