टिहरी में भालू के हमले से महिला गंभीर रूप से घायल, एम्स रेफर
रैबार डेस्क: पहाड़ों में गुलदार औऱ भालू के आतंक की खबरें थम नहीं रही हैं।... The post टिहरी: जंगल में घास लेने गई महिला पर भालू ने किया हमला, गंभीर हालत में एम्स रेफर appeared first on Uttarakhand Raibar.
टिहरी में भालू के हमले से महिला गंभीर रूप से घायल, एम्स रेफर
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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी के थौलधार में जंगल में घास लेने गई एक महिला पर भालू ने हमला किया है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई हैं और उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है।
उत्त्तराखंड में, जहां वन्य जीवों का आतंक बढ़ता जा रहा है, एक और दर्दनाक घटना ने सबका ध्यान खींचा है। टिहरी के विकासखंड थौलधार के सुल्याधार क्षेत्र में लक्ष्मी देवी (26), पत्नी बबलू, अपनी दो अन्य सहेलियों के साथ जंगल में घास काटने गई थीं। अचानक झाड़ियों में छिपे एक भालू ने उन पर हमला कर दिया। भालू के हमले से लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हुईं, और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
गांव की महिलाएं दौड़ीं मदद में
जब भालू ने हमला किया, तब साथ गई अन्य महिलाएं घबराकर शोर मचाते हुए गांव की ओर दौड़ पड़ीं। स्थानीय ग्रामीणों ने जब महिलाओं के शोर को सुना तो वे मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक भालू ने लक्ष्मी देवी को बुरी तरह से घायल कर दिया था। पिछले कुछ समय में इस तरह के हमले बढ़ते ही जा रहे हैं, जो स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों की बहादुरी
ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए भालू को भगाया और लक्ष्मी देवी को स्ट्रेचर पर लादकर करीब डेढ़ से दो किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक लाए। वहां से 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से उन्हें जिला अस्पताल बौराड़ी ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत गंभीर है और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर किया गया है।
वन विभाग की सक्रियता
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई है। वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप चौहान ने बताया कि टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया है और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि घायल महिला को विभाग की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी, और मुआवजे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। आजकल घास काटने जैसे कामों में अक्सर लोगों को ऐसे खतरों का सामना करना पड़ता है, जो चिंताजनक है।
विकसित समाधान की आवश्यकता
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए ठोस निर्णय लेने की आवश्यकता है। जंगलों में आवासित भालुओं और अन्य वन्य जीवों के व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है, जिससे मानव-वन्य जीव संघर्ष बढ़ रहा है। स्थानीय जनसंख्या के लिए सुरक्षा उपायों और शिक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक होगा ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को दोहराने से रोका जा सके।
हमारे लिए यह आवश्यक है कि हम वन्य जीवन और मानव जीवन के बीच एक अच्छा सामंजस्य स्थापित करें। इससे न केवल स्थानीय लोगों को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि वन्य जीवन को भी संरक्षित किया जा सकेगा।
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टीम इंडिया टुडे नामिता शर्मा
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