हिमाचल में महिला ने खुद को जिंदा जलाया, मौत:घर से एक किलोमीटर दूर डीजल छिड़का, बीमार थी महिला
हिमाचल में महिला ने डीजल छिड़क कर खुद को आग लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना कांगड़ा जिले के पालमपुर की है। बुधवार सुबह साढ़े तीन बजे नेपाली मूल की महिला ने अपने घर से एक किलोमीटर दूर जाकर खुद पर डीजल छिड़ककर आग लगा ली। महिला पिछले 8 सालों से पति के साथ इस क्षेत्र में रह रही थी और मजदूरी का काम करती थी। जानकारी के अनुसार वह मानसिक तनाव से जूझ रही थी। परिवार ने उसे इलाज के लिए ओझा के पास भी ले जाया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला के अधजले शव को कब्जे में लिया। ग्राम पंचायत के उपप्रधान संतोष कुमार भी घटनास्थल पर मौजूद थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जिला कांगड़ा के एएसपी बीर बहादुर के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। जांच में पता चला है कि महिला ने एक दिन पहले ही घर में डीजल रखा था। उसने घर के पास के मैदान की घास पर डीजल छिड़ककर आग लगाई। पुलिस मामले को संदिग्ध मानते हुए पति और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है।

हिमाचल में महिला ने खुद को जिंदा जलाया, मौत
हिमाचल प्रदेश से दुखद खबर सामने आई है जहाँ एक महिला ने खुद को जिंदा जला लिया। यह घटना उस समय हुई जब महिला ने अपने घर से एक किलोमीटर दूर जाकर डीजल का छिड़काव किया और आग लगा ली। इस घटना ने न केवल उसके परिवार को बल्कि पूरे गाँव को भी शोक में डाल दिया है। महिला की बीमारियों के चलते यह दर्दनाक कदम उठाने की सूचना मिली है।
यह घटना कैसे हुई?
स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब महिला पिछले कुछ समय से मानसिक और शारीरिक बीमारियों से जूझ रही थी। घर से निकलकर, उसने एक किलोमीटर दूर जाकर डीजल का छिड़काव किया और खुद को आग लगा लिया। घटनास्थल पर पहुंचने पर पुलिस ने तुरंत आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया
महिला की मौत की खबर सुनकर पूरे गाँव में मातम फैल गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्मेदार है। महिला के परिवार वालों का कहना है कि उन्होंने समय पर चिकित्सकीय मदद की कोशिश की, लेकिन स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि यह कदम उठाना पड़ा।
मानसिक स्वास्थ्य की समस्या
इस घटना ने एक बार फिर से मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। यदि किसी को मानसिक तनाव या बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, तो उसे तुरंत पेशेवर मदद लेनी चाहिए।
हिमाचल प्रदेश में इस प्रकार के मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसे कार्यक्रम आयोजित करे जो मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा दें और लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं।
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