अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर राज्यपाल का श्रद्धांजलि, अद्भुत कार्यक्रम का आयोजन
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गुरुवार को लेखक गाँव, थानों (देहरादून) में आयोजित “अटल स्मृति व्याख्यान माला-2025” में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल ने […] The post अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर राज्यपाल ने किया नमन, प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया first appeared on Vision 2020 News.
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर राज्यपाल का श्रद्धांजलि, अद्भुत कार्यक्रम का आयोजन
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कम शब्दों में कहें तो, राज्यपाल ने अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गुरुवार को लेखक गाँव, थानों (देहरादून) में आयोजित “अटल स्मृति व्याख्यान माला-2025” में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस विशेष अवसर पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान, राज्यपाल ने नवनिर्मित प्रेक्षागृह का लोकार्पण भी किया।
वाजपेयी जी का योगदान और उनकी सोच
व्याख्यान माला को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी केवल एक महान राजनेता ही नहीं, बल्कि एक विचार, एक दर्शन और राष्ट्र-चेतना के प्रतीक थे। उनके नेतृत्व में देश ने कई बड़े निर्णय और कदम उठाए, जैसे पोखरण परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध।
उनकी दूरदर्शी सोच ने देश को नई दिशा प्रदान की और उनका जीवन राष्ट्र निर्माण, लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि अटल जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसका मुख्य भाव सेवा है, न कि सत्ता।
राज्यपाल का नमन और श्रद्धांजलि
राज्यपाल ने प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए वाजपेयी जी की विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने लाहौर बस यात्रा के माध्यम से शक्ति और शांति का प्रतीक स्थापित किया। उनके “छोटा राज्य, बड़ा विकास” का सिद्धांत आज भी उत्तराखंड के विकास की दिशा को प्रदर्शित करता है।
लेखक गाँव का महत्व
राज्यपाल ने लेखक गाँव को साहित्य, संस्कृति और वैचारिक संवाद का एक सशक्त केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के वातावरण में विचार और संवाद स्वाभाविक रुप से उत्पन्न होते हैं। उन्होंने नए लेखकों को प्रेरित किया कि वे लेखन की आदत विकसित करें, ताकि अपने विचारों को संरक्षित रखा जा सके।
प्रतिभागियों और युवा पीढ़ी को प्रेरणा
राज्यपाल ने बाल अटल व्याख्यान प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कृत कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने युवा पीढ़ी से वाजपेयी जी के जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों, विद्वानों और आयोजकों का धन्यवाद किया और लेखक गाँव की अवधारणा और इसके उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र भविष्य में अनेक लेखकों को तैयार करेगा।
अटल बिहारी वाजपेयी जी का योगदान न केवल राजनीति में, बल्कि समाज के अन्य क्षेत्रों में भी अमिट रहेगा। उनके विचार और दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
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सादर।
टीम इंडिया ट्वोडे, साक्षी शर्मा
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