देहरादून: CM धामी का संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह, छात्रों को दी छात्रवृत्ति

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को गार्गी बालिका संस्कृत छात्रवृत्ति तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संस्कृत छात्रवृत्ति प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षा […] The post देहरादून: संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम धामी, विद्यार्थियों को दी छात्रवृति first appeared on Vision 2020 News.

Feb 22, 2026 - 18:27
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देहरादून: CM धामी का संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह, छात्रों को दी छात्रवृत्ति
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेव

देहरादून: CM धामी का संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह, छात्रों को दी छात्रवृत्ति

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में छात्रों को छात्रवृत्ति दी और संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया।

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को गार्गी बालिका संस्कृत छात्रवृत्ति और डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संस्कृत छात्रवृत्ति प्रदान की। साथ ही, उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा स्वाध्याय केन्द्र और ई-संस्कृत संभाषण शिविर का वर्चुअल शुभारम्भ भी किया।

संस्कृत हमारी पहचान और भविष्य की संभावना

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान केवल ऊँचे पर्वतों और ऐतिहासिक मंदिरों से नहीं है, बल्कि इसे देववाणी संस्कृत से भी पहचाना जाता है। उन्होंने वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, आयुर्वेद जैसे ज्ञान के मूल स्रोत संस्कृत में होने का महत्व बताया।
श्री धामी ने संस्कृत के वैज्ञानिक व्याकरण की विशेषता पर जोर देते हुए कहा कि पाणिनि की अष्टाध्यायी आज भी विश्वभर के भाषाविदों के लिए अध्ययन का विषय है।

संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से संस्कृत को एक आधुनिक और व्यवहारिक भाषा के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
संस्कृत साहित्य को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का भी काम किया जा रहा है, जिससे युवा पीढ़ी इस भाषा से जुड़ सके।

संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयास

संस्कृत शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं। संस्कृत विश्वविद्यालय में सुविधाओं का विस्तार किया गया है और प्रत्येक जिले में संस्कृत ग्राम स्थापित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने बताया कि संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।

संस्कृत शिक्षा की महत्ता को देखते हुए यह आवश्यक है कि सरकार और समाज दोनों मिलकर इसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में कार्य करें। इस तरह के कार्यक्रम केवल छात्रों को प्रोत्साहित नहीं करते, बल्कि संस्कृत की गरिमा और महत्व को भी बढ़ाते हैं।

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सादर, टीम इंडिया टुडे - सृष्टि शर्मा

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