शंकराचार्य पर लगे आरोपों के पीछे की साजिश का खुलासा: शाहजहांपुर के पत्रकार का बड़ा दावा
वाराणसी : ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर प्रयागराज की स्पेशल POCSO कोर्ट के आदेश पर दर्ज यौन शोषण के आरोपों के बीच नया मोड़ आया है। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी वरिष्ठ पत्रकार रमाशंकर दीक्षित ने सोमवार देर शाम केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ पहुंचकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि …
शंकराचार्य पर लगे आरोपों के पीछे की साजिश का खुलासा: शाहजहांपुर के पत्रकार का बड़ा दावा
कम शब्दों में कहें तो, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के वरिष्ठ पत्रकार रमाशंकर दीक्षित ने एक गंभीर खुलासा किया है। उन्होंने यह बताया है कि आशुतोष पांडेय ने उन्हें शंकराचार्य को झूठा फंसाने के लिए दबाव डाला और आर्थिक लालच दिया।
वाराणसी: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर प्रयागराज की स्पेशल POCSO कोर्ट के आदेश पर दर्ज यौन शोषण के आरोपों में एक नया मोड़ आया है। सोमवार शाम, उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के वरिष्ठ पत्रकार रमाशंकर दीक्षित ने केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ में पहुंचकर गंभीर आरोप लगाए।
रमाशंकर दीक्षित ने पत्रकारों के समक्ष अपने दावों को रखते हुए एक लिखित बयान दिया। उन्होंने कहा, “आशुतोष पांडेय ने मुझे फोन किया और मुझ पर दबाव बनाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर बद्रीनाथ में एक छोटी बच्ची के यौन शोषण का झूठा आरोप लगाना होगा। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा आर्थिक सहयोग दिया जाएगा।”
पत्रकार ने आगे बताया कि उन्होंने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पिताजी दंडी संन्यासी थे और उनकी आत्मा ऐसी गवाही नहीं दे सकती। इस पर आशुतोष ने धमकी दी कि “अगर तुम हमारा साथ नहीं दोगे तो हमारे पास और रास्ते हैं।” इससे स्पष्ट होता है कि यह पूरा मामला केवल आरोप लगाने की साजिश है।
शंकराचार्य का जवाब: यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं
केदारघाट में मौजूद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, “मुझ पर लगे आरोप पूरी तरह निराधार और साजिशपूर्ण हैं।” उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन जनता का यूपी पुलिस पर विश्वास नहीं है। इसलिए उन्होंने अनुरोध किया कि जांच किसी गैर-बीजेपी शासित राज्य की पुलिस से कराई जाए।
शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि “जांच जल्द शुरू होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके और झूठ बोलने वाले बेनकाब हों।” उन्होंने यह भी कहा, “मैंने कभी किसी बच्चे या महिला के साथ गलत व्यवहार नहीं किया। यह मेरी छवि खराब करने की सुनियोजित साजिश है।”
प्रयागराज के झूंसी थाने में आशुतोष ब्रह्मचारी की शिकायत के बाद स्पेशल POCSO कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज की गई है। इसमें शंकराचार्य और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी पर दो नाबालिग वेदपाठी छात्रों के यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने पीड़ितों के मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस प्रकरण में रमाशंकर दीक्षित का खुलासा यह संकेत करता है कि कुछ लोग शंकराचार्य को फंसाने की साजिश कर रहे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए यह आवश्यक है कि न्याय प्रणाली सभी दृष्टिकोन पर विचार करे और मामले की निष्पक्षता से जांच की जाए।
हम सभी को चाहिए कि इस मामले को गंभीरता से लें और निष्पक्षता के साथ इसके हर पहलू को समझें। इसके साथ ही, हालात का ध्यान रखते हुए हमें सही जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और अपने विचार साझा करने में सजग रहना चाहिए।
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सादर,
टीम इंडिया टुडे, सुमिता शर्मा
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