UGC ने मुक्त विश्वविद्यालय को दिया 12-B का दर्जा:इससे शोध और बुनियादी ढांचे के विकास को मिलेगा काफी बढ़ावा
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज को प्रतिष्ठित UGC विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 12 (बी) का दर्जा दिया है। यह विश्वविद्यालय के शिक्षा और अनुसंधान के उच्च मानकों को मान्यता देता है। यूजीसी 12 बी दर्जा प्राप्त होने से विश्वविद्यालय के शिक्षक और छात्र यूजीसी, भारत सरकार या केंद्र सरकार से विभिन्न शोध और शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए धन प्राप्त करने वाले किसी भी संगठन से अनुदान प्राप्त करने के पात्र हो जाते हैं। इससे शोध और बुनियादी ढांचे के विकास को काफी बढ़ावा मिलेगा। यूजीसी 12 बी का दर्जा मिलना विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रमाण है, जिन्होंने शिक्षा और अनुसंधान के उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए अथक परिश्रम किया है। शिक्षकों व छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान : कुलपति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि यूजीसी 12(बी) का दर्जा प्राप्त करना उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है और यह आने वाले वर्षों में शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करता रहेगा। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों को शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उनकी प्रतिबद्धता, समर्पण और महत्वपूर्ण योगदान के लिए बधाई दी है, जिसके कारण यूजीसी से 12बी का दर्जा प्राप्त करना संभव हो सका। मुक्त विश्वविद्यालय को यूजीसी की धारा 12 बी में शामिल कर लिया गया है। इस आशय का एक पत्र विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी किया गया। पत्र में संयुक्त सचिव द्वारा वर्णित किया गया कि मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव का संज्ञान लेते हुए एक विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया गया जिसके द्वारा मुक्त विश्वविद्यालय का 7 व 8 अक्टूबर 2024 को आभासी निरीक्षण एवं दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर यूजीसी ने 26 मार्च 2025 को 12 बी की मान्यता का पत्र जारी किया।

UGC ने मुक्त विश्वविद्यालय को दिया 12-B का दर्जा
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क्या होता है 12-B का दर्जा?
उच्च शिक्षा आयोग (UGC) की ओर से प्रदान किया गया 12-B का दर्जा मुक्त विश्वविद्यालयों को एक महत्वपूर्ण मान्यता है। यह मान्यता विशेष रूप से उन विश्वविद्यालयों को दी जाती है, जो शोध कार्य और शिक्षा के उच्च मानकों पर खरे उतरते हैं। इसके तहत इन विश्वविद्यालयों को विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता और संसाधनों तक पहुंच प्राप्त होती है, जो उन्हें अपने शैक्षणिक और बुनियादी ढांचे के विकास में मदद करती है।
शोध और बुनियादी ढाँचे का विकास
12-B के दर्जे से मुक्त विश्वविद्यालयों को शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक संसाधन मिलेंगे। इससे न केवल विश्वविद्यालय के शोधकर्ता बेहतर ढंग से काम कर पाएंगे, बल्कि उनके द्वारा किए गए शोध का समग्र गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे जैसे कि पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ और डिजिटल संसाधनों में भी सुधार किया जाएगा। इससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना संभव होगा।
महत्वपूर्ण लाभ
इस मान्यता का मुख्य लाभ यह है कि छात्र और शोधकर्ता स्वतंत्रता के साथ अपने विचारों को अभिव्यक्त कर सकेंगे। इसके साथ ही, विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों द्वारा जो सहायता मिलती है, उसमें भी वृद्धि होगी। इससे विश्वविद्यालय को अपने कार्यक्रमों का विस्तार करने और नई तकनीकों को अपनाने का मौका मिलेगा। यह उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने में भी सहायक साबित होगा।
निष्कर्ष
UGC द्वारा मुफ्त विश्वविद्यालय को 12-B का दर्जा प्रदान करने से एक नई राह खुलेगी। शोध कार्यों को प्रोत्साहन मिलेगा, और बुनियादी ढाँचे में सुधार से छात्रों के लिए अध्ययन का स्तर उन्नत होगा। इसके माध्यम से, देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव होगा।
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