उत्तराखंड: पांच वर्षीय बच्ची के दुष्कर्म मामले में आरोपी ने कहा, जेल से छूटा तो फिर करूंगा अपराध
रैबार डेस्क: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पांच वर्षीय बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में... The post मासूम से दरिंदगी करने वाला आरोपी बोला, जेल से छूटा तो फिर करूंगा दुष्कर्म, पहले भी किया बच्चे से दुष्कर्म appeared first on Uttarakhand Raibar.
उत्तराखंड: पांच वर्षीय बच्ची के दुष्कर्म मामले में आरोपी ने कहा, जेल से छूटा तो फिर करूंगा अपराध
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में एक 35 वर्षीय आरोपी ने दुष्कर्म के मामले में अपनी बेशर्मी का सबूत पेश किया है। उसने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर उसे फिर से जेल से रिहा किया गया, तो वह दोबारा ऐसा ही घिनौना काम करेगा।
पुलिस द्वारा की गई जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी पहले भी 11 वर्षीय बच्चे के साथ दुष्कर्म की दोषी ठहराया गया था। वह हाल ही में हरिद्वार जिला जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। अब, पुलिस उसकी रिहाई के बाद की गतिविधियों और आपराधिक इतिहास की गंभीरता से जांच कर रही है।
आरोपी के बेशर्मी भरे बयान ने पुलिस अधिकारियों को चौंकाया है। उसने पूछताछ के दौरान कहा कि उसका ध्यान हमेशा छोटे बच्चों पर रहता है और वह भविष्य में ऐसा अपराध जारी रखना चाहता है। यह संकेत इस आरोपी की मानसिकता और आपराधिक वृत्ति को दर्शाता है।
घटना का विवरण
23 जून को, पिथौरागढ़ कोतवाली में एक पिता ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी पांच वर्षीय बेटी दोपहर करीब एक बजे लापता हो गई है। इसी संदर्भ में, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चार अलग-अलग टीमें बनाई गईं। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाते हुए दिखाई दिया।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज होने के लगभग 8 घंटे के भीतर बच्ची को टनकपुर तिराहे के पास सुरक्षित बरामद किया। मेडिकल जांच में पुष्टि हुई कि बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया था। जांच में पता चला कि आरोपी ने बच्ची को अपनी कमांडर जीप में बैठाकर उसे बिण क्षेत्र के जंगलों में ले जाकर दुष्कर्म किया और बाद में उसे बदहवास स्थिति में टनकपुर तिराहे पर छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने घटना के साक्ष्यों के आधार पर 48 घंटे के भीतर आरोपी होशियार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसका पता रई धनौड़ा, पिथौरागढ़ में पाया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 65(2), 115(2), 137(2), 351(3) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह घटना न केवल स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि पूरे देश के लिए एक गंभीर विचार का मुद्दा बन गई है। न्यूनतम सजा और कानूनी प्रक्रियाओं की निरंतरता के साथ, इस तरह के अपराधियों के प्रति सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में किसी भी निर्दोष बच्चे को इस तरह के घिनौने अपराध का शिकार न होना पड़े।
इस तरह की घटनाएँ समाज में एक गहरे विकार और मानसिकता को उजागर करती हैं जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। सरकार और समाज को मिलकर इस पर गंभीर विचार करना होगा और ठोस कदम उठाना होगा।
नागरिकों से अपील है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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संपादित: नीता शर्मा, टीम इंडिया टुडे
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