नगर निगम की समयसीमा समाप्त, धड़ल्ले से चल रही दुकानें:फ्लाईओवर के नीचे हुए हादसे के बाद भी नहीं हटी दुकानें, लाइसेंस हो चुका है रद
वाराणसी में चौकाघाट लहरतारा फ्लाईओवर के नीचे कैंट रेलवे स्टेशन के सामने अभी भी नाइट मार्केट की दुकानें सजी है। नगर निगम की ओर से दुकानदारों को दिए गए 24 घंटे का अल्टीमेटम भी समाप्त हो चुका है। बुधवार को भी रोडवेज से लेकर कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज तक धड़ल्ले से दुकानें चल रही है। फ्लाईओवर के नीचे लगी थी आग, सिलेंडर हुए थे ब्लास्ट कैंट रेलवे स्टेशन के सामने फ्लाईओवर के नीचे संचालित एक भोजनालय के चूल्हे में लगी आग की चिंगारी से वहां मौजूद एक सिलेंडर में आग लग गई थी। देखते ही देखते एक के बाद एककर तीन सिलेंडर ब्लास्ट हुए थे। आग की चपेट में आने से 15 से अधिक दुकानें जलकर राख हो गई थी। आग के चलते 10 लाख से अधिक का नुकसान हुआ था। नगर निगम ने बनाया था नाइट मार्केट वाराणसी नगर निगम ने फ्लाईओवर के नीचे नाइट मार्केट बनाया और सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखे बिना संचालन की जिम्मेदारी एक निजी संस्था श्रेया इंटरप्राइजेज को दी थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बीच नगर निगम ने बीते फरवरी माह में श्रेया इंटरप्राइजेज का लाइसेंस रद कर दिया। कंपनी का लाइसेंस रद होने से वेंडरों का अनुबंध स्वतः समाप्त हो गया। लाइसेंस रद होने के बाद भी फ्लाईओवर के नीचे दुकानें चलती रही जिसका परिणाम हुआ कि दुकानों में आग लग गई। नगर निगम ने दिया था 24 घंटे का समय नगर निगम ने दुकानदारों को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए फ्लाईओवर के नीचे लगी दुकानों को हटाने का आदेश दिया। नगर निगम के कर्मचारियों ने लाउड हेलर के जरिए दुकानदारों को 24 घंटे के भीतर दुकानें नहीं हटाने पर कार्रवाई की बात भी कही। समयसीमा बीतने के बाद भी दुकानें धड़ल्ले से चल रही है। नहीं लिया सबक, हो रहा सिलेंडर का इस्तेमाल सिलेंडर में ब्लास्ट के चलते आग भयावह हो गई थी। सड़क पार पेट्रोल पंप था। बावजूद इसके अभी भी फ्लाईओवर के नीचे दुकान का संचालन कर रहे लोग घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं।

नगर निगम की समयसीमा समाप्त, धड़ल्ले से चल रही दुकानें
हाल ही में एक गंभीर घटना सामने आई है जिसमें फ्लाईओवर के नीचे अवैध रूप से चल रही दुकानों में एक हादसा हुआ। इस हादसे के बाद भी नगर निगम ने अब तक उन दुकानों को हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की है। यह स्थिति चिंता का विषय है क्योंकि ये दुकानें न केवल यातायात में रुकावट पैदा कर रही हैं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा बनी हुई हैं।
धड़ल्ले से दुकानें चालू, मगर लाइसेंस हुए रद
नगर निगम की समयसीमा समाप्त हो चुकी है, और बावजूद इसके, दुकानें धड़ल्ले से चल रही हैं। लाइसेंस रद होने के बाद भी दुकान मालिकों ने बेखौफ होकर अपनी व्यावसायिक गतिविधियां जारी रखी हैं। यह प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है, जो कि इस मामले में सुधार लाने में असफल रहा है।
फ्लाईओवर के नीचे का हादसा
हाल ही में हुए इस हादसे को लेकर नागरिकों में भारी आक्रोश है। घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने नगर निगम के अधिकारियों से सवाल उठाए हैं कि क्यूं कार्यवाही नहीं की गई। जब तक इन अवैध दुकानों को नहीं हटाया जाएगा, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।
सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा
इस स्थिति को लेकर कई लोगों का मानना है कि प्रशासन को तुरंत कदम उठाने चाहिए। अवैध दुकानों की वजह से होने वाले हादसों से न केवल स्थानीय व्यापार प्रभावित होता है, बल्कि नागरिकों की जान भी खतरे में रहती है।
अंत में, नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और उचित कार्रवाई करने के लिए नगर निगम को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इस मुद्दे पर नजर रखने के लिए आगे भी हमें जागरूक रहना होगा।
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