बछड़े को घर से खींचकर ले गया जंगली जानवर:500 मीटर दूर मिला क्षत-विक्षत शव, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
सीतापुर के लहरपुर कोतवाली क्षेत्र में एक हिंसक जंगली जानवर ने गाय के बछड़े को अपना शिकार बना लिया। यह घटना भदफर चौकी के ग्राम डिंगरी में हुई। बाबूराम के घर के बाहर बंधा बछड़ा रात में गायब हो गया। सुबह जब उन्होंने तलाश की तो खून के निशान मिले। इन निशानों को देखते हुए वे करीब 500 मीटर दूर विद्यासागर के गेहूं के खेत तक पहुंचे। वहां बछड़े का क्षत-विक्षत शव मिला। घटना की सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान शिवकुमार यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचित किया। वन क्षेत्राधिकारी अभिषेक सिंह और वन दरोगा अरविंद गिरी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन क्षेत्राधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि रेतीली मिट्टी के कारण जानवर के पगचिह्न स्पष्ट नहीं हैं। लेकिन हमला किसी हिंसक जंगली जानवर द्वारा किया गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और खेतों में समूह में जाने की सलाह दी है। इस घटना से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है।

खतरनाक जंगली जानवरों की दहशत
एक बार फिर से जंगली जानवरों ने ग्रामीणों को भयभीत कर दिया है। हाल ही में एक बछड़े को घर से खींचकर ले जाने की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यह घटना उस समय हुई जब बछड़ा अपने गोशाले के आस-पास खेल रहा था। अचानक, एक जंगली जानवर ने यह हमला किया और बछड़े को खींचकर ले गया। जब गांव के लोगों ने इसकी सूचना दी, तो उन्हें बछड़े का क्षत-विक्षत शव 500 मीटर दूर मिला।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
इस घटना के बाद, स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और बच्चों और जानवरों को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। विभाग ने अनुरोध किया है कि यदि कोई ऐसा जानवर दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना दें।
यह क्यों हुआ?
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में भोजन की कमी होने और मानव-वन्यजीव संघर्ष के बढ़ने के चलते इन जानवरों का आक्रमण बढ़ रहा है। ऐसे समय में, जब जानवरों को भोजन नहीं मिलता, वे गांवों की ओर आकर मवेशियों को अपना शिकार बना लेते हैं।
क्या किया जा सकता है?
इस समस्या का समाधान खोजने के लिए, गांव में जागरूकता अभियान चलाना होगा। ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा के उपाय करने चाहिए, जैसे कि चारा और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखना। इसके अलावा, वन विभाग को अपने संरक्षण प्रयासों में सुधार करना चाहिए ताकि जंगली जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में वापस लाया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर से जंगली जानवरों और मानव जीवन के बीच की जटिलता को उजागर किया है। हमें एक साथ मिलकर इस समस्या का सामना करने की आवश्यकता है। कीवर्ड्स: बछड़ा जंगली जानवर, क्षत-विक्षत शव, ग्रामीणों की सलाह, मानव-वन्यजीव संघर्ष, बछड़े को खींचना, जंगली जानवरों की दहशत, वन विभाग जागरूकता, संरक्षण प्रयास, सुरक्षा उपाय, गांव में जागरूकता For more updates, visit indiatwoday.com
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