विवादित बयान पर मुफ्ती के खिलाफ दी तहरीर:अलीगढ़ में मुफ्ती बोले, बिल वापस न हुआ तो बनेंगे 1947 जैसे हालात; भाजपाइयों व बजरंगदल ने की कार्रवाई की मांग
भारत सरकार के वक्फ संशोधन बिल पर मुफ्ती द्वारा दिए गए विवादित बयान के बाद लगातार कार्रवाई की मांग हो रही है। मुफ्ती के खिलाफ देहलीगेट और रोरावर थाने में लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की गई है। भाजपा नेता संजू बजाज ने देहलीगेट थाने में तहरीर देकर आरोपी मुफ्ती के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं बजरंगदल के गोरक्षा दल के प्रमुख करन चौधरी ने रोरावर थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। जिसके बाद पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है। मुफ्ती ने कहा बनेंगे 1947 जैसे हालात अलीगढ़ में शुक्रवार को एक नुक्कड़ सभा हो रही थी। जिसमें मुफ्ती अकबर काजमी भी मौजूद थे। उन्होंने वक्फ संशोधन बिल पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार का यह बिल मुसलमानों को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है। केंद्र सरकार को यह बिल वापस लेना होगा। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह बिल वापस न लिया गया तो देश में 1947 जैसे हालात बन जाएंगे। जिसके बाद उनके इस बयान का विरोध शुरू का हो गया। हिंदू संगठनों का कहना है कि 1947 में देश का बटवारा हुआ था। मुफ्ती ने अपने बयान से देश का बंटवारा कराने और देश में गृह युद्ध कराने की बात कही है। जो देश हित में नहीं है। इसलिए तत्काल आरोपी पर कार्रवाई होनी चाहिए। थाने पहुंचे भाजपा के विभिन्न नेता सारे प्रकरण में भाजपा के महानगर मंत्री संजू बजाज की ओर से देहलीगेट थाने में तहरीर दी गई है। वहीं रोरावर थाने में बजरंगदल के करन चौधरी ने तहरीर दी है। इस दौरान भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत व अन्य भाजपाई भी देहलीगेट थाने पहुंच गए। उन्होंने कहा कि मुफ्ती का यह बयान देश विरोध है और उन्होंने जिले का माहौल बिगाड़ने वाला बयान दिया है। इसलिए उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विवादित बयान पर मुफ्ती के खिलाफ दी तहरीर
अलीगढ़ में हाल ही में मुफ्ती द्वारा दिए गए एक विवादित बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। मुफ्ती ने कहा कि यदि बिल वापस नहीं लिया गया, तो स्थिति 1947 जैसे हालात का सामना कर सकती है। इस बयान पर भाजपा कार्यकर्ताओं और बजरंग दल ने तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की है और कार्रवाई की मांग की है।
मुफ्ती का विवादित बयान
मुफ्ती के बयान ने अलीगढ़ में तात्कालिक रिपोर्ट के अनुसार लगातार विरोध को जन्म दिया है। उनके शब्दों ने न केवल स्थानीय लोगों को प्रभावित किया, बल्कि विपक्षी दलों के लिए भी एक नया मुद्दा प्रदान कर दिया है। मुफ्ती ने यह टिप्पणी उस समय की जब राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है।
भाजपा और बजरंग दल की प्रतिक्रिया
भाजपा और बजरंग दल ने मुफ्ती के बयान को लेकर न केवल विरोध किया है, बल्कि उनकी गिरफ्तारी की भी मांग की है। भाजपा के एक प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के बयानों से समाज में अराजकता फैलने का खतरा है।
समाज में व्याप्त चिंता
इस घटना ने समाज में एक तरह की चिंता पैदा कर दी है। कई लोग मानते हैं कि ऐसे बयान देश की एकता को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि मुफ्ती ने जो कहा वह उनके विचारों का ही प्रतिबिम्ब है, और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत देखा जाना चाहिए।
आगे की कार्रवाई
मुफ्ती के खिलाफ की गई तहरीर इस मुद्दे पर अब संसद और स्थानीय प्रशासन के बीच एक बहस का कारण बन सकती है। भारतीय राजनीति में इस तरह के बयान अक्सर चर्चित होते हैं और इसके नतीजे राजनीतिक संघर्ष का रूप ले सकते हैं।
समस्त घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को और मजबूत कर रहे हैं, जैसा कि आगे आने वाले दिनों में होगा। इस मामले पर और अपडेट के लिए, विजिट करें News by indiatwoday.com। Keywords: मुफ्ती विवाद बयान, अलिगढ़ मुफ्ती तहरीर, भाजपा बजरंग दल कार्रवाई, 1947 जैसी स्थिति, अलिगढ़ राजनीतिक हलचल, मुफ्ती विवादित बयान समाचार, समाज में चिंता, भारतीय राजनीति बयान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भारत, मुफ्ती अलीगढ़ समाचार
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