भारत की युवा शक्ति: 2047 के विकसित भारत की दिशा में एक कदम
देहरादून : राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने रविवार को लेखक गाँव, थानो देहरादून में आयोजित ‘15वीं यंग थिंकर्स मीट’ के समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इंडिया फाउंडेशन की ओर से तीन दिन तक आयोजित इस आयोजन में देशभर के युवा विचारकों ने भाग लिया। राज्यपाल ने 15वीं यंग थिंकर्स मीट के […] The post विश्व की सबसे बड़ी युवा शक्ति विकसित भारत-2047 का संकल्प करेगी साकार first appeared on Vision 2020 News.
भारत की युवा शक्ति: 2047 के विकसित भारत की दिशा में एक कदम
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में आयोजित 15वीं यंग थिंकर्स मीट में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने युवाओं की विचार शक्ति और जिम्मेदारियों के बारे में अपनी बातें साझा की। यह सम्मेलन भारत के भविष्य के निर्माण में युवा विचारकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देता है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - India Twoday
देहरादून : रविवार को लेखक गाँव, थानो देहरादून में आयोजित '15वीं यंग थिंकर्स मीट' के समापन सत्र में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। यह कार्यक्रम इंडिया फाउंडेशन द्वारा तीन दिनों तक आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के युवा विचारकों ने भाग लिया। इस मीट का उद्देश्य युवा प्रतिभागियों को विचारों का आदान-प्रदान करने का एक मंच प्रदान करना था, जहाँ उन्होंने अपनी सोच और दृष्टिकोण साझा किए।
युवाओं की भूमिका पर जोर
राज्यपाल ने समापन सत्र में ‘वार एण्ड नैरेटिव्स’ विषय पर अपने उद्बोधन में कहा कि आज के युवा को देश के श्रेष्ठ विचारों के साथ संवाद करने का अनूठा अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि हर युवा प्रतिभागी करोड़ों भारतीयों की आशाओं और सपनों का प्रतिनिधित्व करता है, जिससे यह स्पष्ट है कि उनके कंधों पर राष्ट्र के भविष्य के निर्माण की जिम्मेदारी है।
विश्व की सबसे बड़ी युवा शक्ति
राज्यपाल ने कहा कि "भारत के पास विश्व की सबसे बड़ी युवा शक्ति है, और यही 'अमृत पीढ़ी' वर्ष 2047 के विकसित भारत और विश्वगुरु भारत के संकल्प को साकार करेगी।" उन्होंने युवा प्रतिभागियों को संकेत देते हुए कहा कि वे केवल सूचना का उपभोक्ता न होकर, विचारों के रचनाकार और समाज के मार्गदर्शक बनें।
नई तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता
राज्यपाल ने युवाओं को आह्वान किया कि वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, मेटावर्स, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में दक्षता प्राप्त करें, जिससे भारत ज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बन सके। उन्होंने कहा, "एक सच्चा थिंकर और शोधकर्ता वही है जो वर्तमान से आगे बढ़कर भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर विचार करे।"
संस्कृति और विज्ञान का समन्वय
राज्यपाल ने भारतीय संस्कृति की सनातन ज्ञान परंपरा को हमारी सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर विकसित भारत के सशक्त और सकारात्मक नैरेटिव का निर्माण करने में अग्रणी भूमिका निभाएं।
विश्वास और संभावनाएं
राज्यपाल ने इस कार्यक्रम के दौरान यह विश्वास प्रकट किया कि 15वीं यंग थिंकर्स मीट से निकले विचार भारत के वैचारिक भविष्य को नई दिशा देंगे और युवा, विकसित भारत के सशक्त नैरेटिव के निर्माता बनेंगे। इस दौरान उन्होंने युवा विचारकों को सम्मानित भी किया।
इसके साथ ही, यह मीट भारतीय युवाओं को एक नई दिशा में काम करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करती है। हमारे देश के युवा विचारक न केवल आज के लिए विचार करते हैं, बल्कि वे भविष्य की दिशा भी तय करेंगे। For more updates, visit India Twoday.
इस बार की यंग थिंकर्स मीट ने यह साबित किया है कि युवा शक्ति ही एक सशक्त राष्ट्र की पहचान है।
टीम इंडिया टुडे - साक्षी शर्मा
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