फेसबुक से जाल, व्हाट्सएप से फांस, ऐप से साफ कर दिए लाखों – STF का बड़ा खुलासा
उत्तराखंड में साइबर अपराध पर एसटीएफ ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ नागरिक से करोड़ों की साइबर धोखाधड़ी के मामले में एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस…

फेसबुक से जाल, व्हाट्सएप से फांस, ऐप से साफ कर दिए लाखों – STF का बड़ा खुलासा
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उत्तराखंड में साइबर अपराध पर एसटीएफ ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ नागरिक से करोड़ों की साइबर धोखाधड़ी के मामले में एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस ने एक शातिर ठग को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने फर्जी ट्रस्ट और कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खोलकर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
साइबर ठगी का नया तरीका
हाल के दिनों में, इंटरनेट पर बढ़ते साइबर अपराधों ने समाज को गंभीर चिंता में डाल दिया है। ठग अब सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म जैसे फेसबुक और मैसेजिंग एप्स जैसे व्हाट्सएप का उपयोग कर लोगों को अपने जाल में फांसने के नए तरीके अपनाने लगे हैं। उत्तराखंड STF ने इस संबंध में हाल ही में एक प्रभावी अभियान शुरू किया है।
जांच एवं गिरफ्तारी
एसटीएफ की साइबर क्राइम यूनिट ने एक सूचना के आधार पर गहन छानबीन की और आरोपी को धर दबोचा। जांच के दौरान आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य आपराधिक साक्ष्य बरामद हुए। यह आरोपी विभिन्न कंपनियों और ट्रस्टों के नाम से बैंक खाते खोलकर साइबर धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
वरिष्ठ नागरिकों को विशेष लक्ष्य
अधिकतर मामले वरिष्ठ नागरिकों के साथ जुड़े हुए हैं, जिन्हें ठगी का शिकार बनाया गया है। आरोपी ने गैंग के माध्यम से बुजुर्गों को लक्षित करने की योजना बनाई थी, जिससे उन्हें जल्दी पैसे कमाने का लालच दिया गया।
सरकारी हलचल और भविष्य की योजनाएँ
उत्तराखंड की स्थानीय सरकार ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है और आम जनता को इस प्रकार की धोखाधड़ी से अवगत कराने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया है। एसटीएफ की सक्रियता और सजगता के कारण अब लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।
भविष्य में सावधानी बरतें
यह घटना न केवल उत्तराखंड में, बल्कि पूरे देश में साइबर अपराध की गंभीरता को दर्शाती है। लोग सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अधिक संवेदनशील होकर विचार करें। किसी भी प्रकार के अनजान व्यक्ति से ऑनलाइन बातचीत करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
निष्कर्ष
एसटीएफ की इस कार्रवाई ने साबित किया है कि साइबर ठगों पर कड़ी नजर रखना और उन्हें दंडित करना एक प्राथमिकता होनी चाहिए। यह घटना हमें याद दिलाती है कि इंटरनेट पर सुरक्षा के प्रति सजग रहना जरूरी है। एसटीएफ के प्रयासों से उम्मीद है कि भविष्य में साइबर अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
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